राजनीति
नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार को थम जाएगा। सोमवार को प्रचार अपने शबाब पर पहुंच गया और इसका रंग बिहार में दिखा। रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान ने कांग्रेस पर हमला जारी रखा तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोनों पर निशाना साधा।
इन सबके बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री करुणानिधि ने आज लिबरेशन टाइगर्स आफ तमिल ईलम (लिट्टे) को आतंकवादी संगठन बताया और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को टका सा जवाब दिया तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विश्वास जताया कि अगली सरकार कांग्रेस के नेतृत्व में ही बनेगी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार नई दिल्ली में बड़े ही विश्वास के साथ कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में ही केंद्र में अगली सरकार बनेगी। उन्होंने वामपंथी दलों के समर्थन समेत सरकार बनाने के लिए सभी विकल्प खुले रखे हैं।
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की जानीमानी हस्ती एन. नारायणमूर्ति की पुस्तक 'ए बेटर इंडिया, ए बेटर वर्ल्ड' के लोकार्पण के मौके पर वरिष्ठ पत्रकारों से चर्चा में प्रधानमंत्री ने कहा, "कांग्रेस और उसके घटक मिलकर केंद्र में अगली सरकार बनाएंगे।"
उन्होंने कहा, "हम अपने दम पर यदि सरकार बना पाए तो अति उत्तम, नहीं तो फिर हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं जो हमें समर्थन देना चाहेंगे।"
प्रकाश करात ने दिल्ली में सोमवार को अपनी एक लेख से सोमनाथ चटर्जी पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा, "कांग्रेस के समर्थन में कह कर चटर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष के नाते खुद के दलगत राजनीति से दूर रहने के दावे का पर्दाफाश कर दिया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार का उनका समर्थन और लोकसभा अध्यक्ष के पद पर उनका बने रहना, दोनों एक दूसरे से जुड़ा है।"
उल्लेखनीय है कि चटर्जी ने रविवार को कहा था कि वामदलों का संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) से समर्थन वापस लेना एक भूल थी।
उधर बिहार में राजनीति का एक अलग ही मिजाज देखने को मिला। प्रदेश कांग्रेस द्वारा इस्तीफा मांगे जाने पर लालू प्रसाद ने टका सा जवाब दिया कि कांग्रेस के एहसान पर वह रेल मंत्री नहीं बने हैं। उन्होंने पत्रकारों को सिर्फ इतना कहा कि कांग्रस ने उन्हें मंत्री नहीं बनाया है बल्कि जनता ने उन्हें मंत्री बनाया है।
पासवान ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने ही मौजूदा विवाद को सबसे पहले प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव में धर्मनिरपेक्ष मतों का बंटवारा कर किसे लाभ पहुंचाना चाहती है। हालांकि उन्होंने कहा कि केन्द्र में धर्मनिरपेक्ष सरकार ही बनेगी।
नीतीश ने पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान लालू तथा पासवान को एक ही थैली के चट्टे-बट्टे बताया। उन्होंने दोनों नेताओं पर छद्म धर्मनिरपेक्षता अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों नेता तनाव फैला कर राजनीति करने पर विश्वास करते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेता अब तक अल्पसंख्यकों को वरगला कर उनका वोट लेते रहे हैं।
बिहार में कांग्रेस को जहां सहयोगी दलों का वार झेलना पड़ा वहीं दक्षिण से उसके लिए अच्छी खबर आई। करुणानिधि ने रविवार को लिट्टे और प्रभाकरन के संबंध में जो बयान दिया था, उससे पलट गए। कांग्रेस को करुणानिधि के इस बयान का जवाब देना भारी पड़ रहा था।
अपनी बात से पलटते हुए करुणानिधि ने कहा कि लिट्टे दरअसल एक आतंकवादी संगठन है। द्रविड़ मुóोत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष ने कहा कि लिट्टे शुरुआत में एक मुक्ति संगठन था, लेकिन बाद में वह आतंकवादी संगठन में परिवर्तित हो गया।
समाचार चैनल 'टाइम्स नाउ' ने करुणानिधि के हवाले से कहा,,"उन्होंने शुरुआत एक आतंकवादी संगठन के रूप में नहीं की। उन्होंने एक मुक्ति संगठन के रूप में शुरुआत की लेकिन अब वे आतंकवादी संगठन में बदल गए हैं।"
उल्लेखनीय है कि रविवार को करुणानिधि ने एक अन्य टेलीविजन चैनल पर यह कहा था कि वह प्रभाकरन को आतंकवादी नहीं मानते और वह उनका दोस्त है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीलंका में तमिलों का स्वतंत्र राज्य स्थापित करने का लिट्टे का उद्देश्य सही है परन्तु उसका रास्ता गलत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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