नेपाल में सरकार और सेना के टकराव से भारत चिंतित
काठमांडू, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में सरकार के सेना प्रमुख जनरल रूक्मांगद कटवाल को बर्खास्त करने के संकेत मिलने के बाद भारतीय राजदूत राकेश सूद ने सोमवार को प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' से मुलाकात की।
भारतीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी से स्नातक कटवाल 2006 में पद ग्रहण करने के बाद से ही विवादों के घेरे में हैं। मानव अधिकार संगठन उन पर गृहयुद्ध के दौरान ज्यादतियों का आरोप लगाते रहे हैं।
अपने कार्यकाल के दौरान कटवाल नेपाली सेना में भर्ती रोकने के आदेश की अवहेलना करके और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए)के गुरिल्लाओं को सेना में शामिल करने की माओवादी योजना का विरोध करके रक्षामंत्री रामबहादुर थापा से संघर्ष मोल लेते रहे हैं।
नया विवाद इस महीने तब आरंभ हुआ जब माओवादी सरकार ने आठ वर्ष बाद राष्ट्रीय खेलों का आयोजन करने का निश्चय किया। अंतिम समय में पीएलए को भी खेलों में शामिल करने के निर्णय का विरोध करने और सेना के खेलों के बहिष्कार के फैसले ने शीर्ष माओवादी नेतृत्व को क्रोधित कर दिया है।
प्रचंड ने रविवार को कटवाल से मुलाकात की और उनसे इस्तीफा देने को कहा। कटवाल का कार्यकाल अगस्त में समाप्त हो रहा है और यदि उन्होंने प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार या राजदूत का पद स्वीकार करने के बदले पद छोड़ने से इंकार किया तो उन्हें हटाने में सरकार असमंजस में पड़ सकती है।
रक्षा मंत्रालय ने कटवाल को 24 घंटे के भीतर खेलों के बहिष्कार के संदर्भ में स्पष्टीकरण देने को कहा और धमकी दी है कि स्पष्टीकरण के असंतोषजनक पाए जाने पर उनको पद से हटा दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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