पड़ोसियों से संबंध सुधार रहे ओबामा

अमरीका और वेनेजुएला के बीच क़रीब आठ महीनों के कूटनीतिक तनाव के बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार होने की गुंज़ाइश बन रही है. त्रिनिदाद में एक सम्मेलन के दौरान अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा का लातिन अमरीका के नेताओं ने बेहतरीन स्वागत किया और वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ ने उन्हें उपहार में एक पुस्तक दिया.
मुलाक़ात के बाद वेनेजुएला का कहना है कि वो अमरीका में अपना राजदूत फिर से भेज सकते हैं. इसके जवाब में अमरीका ने भी वेनेजुएला में अपना राजदूत भेजने की सहमति दे दी. पिछले वर्ष सितंबर में वेनेजुएला ने यह कहते हुए वेनेजुएला में अमरीका के राजदूत को वापस भेज दिया था कि अमरीकी सरकार उनके पड़ोसी देश बोलिविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस का तख्ता पलटने का षडयंत्र रच रही है.
इसके बाद अमरीका ने भी अपने यहां मौजूद वेनेजुएला के राजदूत को वापस भेज दिया था.उल्लेखनीय है कि जॉर्ज बुश के शासन काल के दौरान चावेज अमरीका के कट्टर विरोधी रहे थे और उन्होंने बुश के ख़िलाफ़ कड़ी टिप्पणियां भी की थीं.हालांकि ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद अब रिश्ते सुधरने की संभावनाएं बढ़ रही हैं.
मुझे लगता है कि वो एक अच्छा क्षण रहा. मैं समझता हूं कि पिछले राष्ट्रपति की तुलना में ओबामा पढ़े लिखे अच्छे व्यक्ति हैं ह्यूगो चावेज़, वेनेजुएला के राष्ट्रपति.
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सम्मेलन के दौरान ओबामा और चावेज़ शुक्रवार और शनिवार को गर्मजोशी से मिले. शनिवार को चावेज़ ने उन्हें उपहार में पुस्तक दिया.यह पुस्तक लातिन अमरीकी देशों के शोषण पर है जिसे एडुवर्डो गालेनो ने लिखा है. पुस्तक स्पैनिश भाषा में है.
ओबामा से मुलाक़ात के बारे में चावेज़ का कहना था, '' मुझे लगता है कि वो एक अच्छा क्षण रहा. मैं समझता हूं कि पिछले राष्ट्रपति की तुलना में ओबामा पढ़े लिखे अच्छे व्यक्ति हैं .''
बाद में सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा कि लातिन अमरीकी नेताओं को अपने देशों की सभी समस्याओं के लिए अमरीका को ज़िम्मेदार ठहराने में सावधानी बरतनी चाहिए.
हालांकि सम्मेलन के दौरान बोलिविया ने अमरीका के ख़िलाफ़ कड़े तेवर बनाए रखे. राष्ट्रपति मोरालेस का कहना था कि ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद भी वो बोलिविया के प्रति अमरीकी रुख में कोई बदलाव नहीं देख रहे हैं.
संवाददाताओं का कहना है कि इन सबके बावजूद सम्मेलन में अमरीका और क्यूबा के संबंधों का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण बना रहा.ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सम्मेलन में क्यूबा एकमात्र ऐसा लातिन अमरीकी देश था जिसे शामिल नहीं किया गया था.
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डिसिल्वा ने साफ कहा कि क्यूबा के बिना ऐसे किसी और सम्मेलन को वो स्वीकार नहीं करेंगे.बोलिविया के राष्ट्रपति ने अमरीका से क्यूबा पर लगाए गए व्यापार प्रतिबंधों को हटाने की मांग की.
उल्लेखनीय है कि अमरीका ने पिछले दिनों अमरीकी नागरिकों के एक से अधिक बार क्यूबा जाने पर लगे प्रतिबंध को हटाया है और सम्मेलन में ओबामा ने कहा कि वो विभिन्न मुद्दों पर सीधी बातचीत के क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं.
1960 में क्यूबा में क्रांति के बाद फिदेल कास्त्रो ने सरकार बनाई थी और तब से अमरीका ने क्यूबा के साथ कूटनीतिक संबंध तोड़ रखे हैं. ओबामा का कहना था, '' हमें लगता है कि क्यूबा के मामले में हम प्रगति कर रहे हैं. ''


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