बहुत बोल लिया आडवाणी पर लेकिन पलटवार का अफसोस नहीं : मनमोहन (राउंडअप)
आडवाणी द्वारा उन्हें बार-बार कमजोर प्रधानमंत्री कहे जाने के बारे में पूछ जाने पर रविवार को गुवाहाटी के अमीनगांव में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं इस बात को और आगे बढ़ाना नहीं चाहता हूं। जो कुछ भी मुझे बोलना था, मैं पहले ही बहुत कुछ कह चुका हूं।"
प्रधानमंत्री ने हालांकि एक निजी टेलीविजन चैनल से साक्षात्कार में कहा, "मुझे आडवाणी के बारे में कही गई बातों का अफसोस नहीं है। क्योंकि आडवाणी पिछले पांच वर्षो से मुझ पर कीचड़ उछाल रहे थे। वे मुझे निकम्मा और कमजोर प्रधानमंत्री कहते रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "आडवाणी द्वारा लगाए गए आरोपों से मुझे दुख पहुंचा है लेकिन फिर भी मैंने कभी कुछ नहीं कहा। उन्होंने ही इसकी शुरुआत की और अब जाकर मैंने उसका जवाब दिया है।"
आडवाणी के रिकार्ड पर सवालिया निशान लगाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 1992 में उनकी नाकों के नीचे बाबरी मस्जिद विध्वंस कर दी गई और उनके गृह मंत्री रहते आतंकवादियों को कंधार जाकर छोड़ा गया।
इस बीच, प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा कि 1992 के मस्जिद विध्वंस के लिए केवल भाजपा ही जिम्मेदार है।
उन्होंने कहा, "बाबरी विध्वंस के लिए हम पर आरोप नहीं लगाए जा सकते।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने बाबरी मस्जिद को सुरक्षित रखने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र दिया किया था लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जो किया वह सर्वविदित है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "भाजपा के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने सर्वोच्च न्यायालय को आश्वस्त किया था कि बाबरी मस्जिद सुरक्षित रहेगी। कांग्रेस ने उन पर भरोसा किया कि वह सर्वोच्च न्यायालय में दिए गए शपथपत्र पर अमल करेंगे। इसके लिए कांग्रेस को दोषी नहीं ठहराया जा सकता था।"
उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में यदि कांग्रेस को दोषी ठहराया जा सकता है वह सिर्फ इसलिए कि उसने कल्याण पर भरोसा जताया।
उल्लेखनीय है कि राजद अध्यक्ष ने शनिवार को बिहार में एक रैली में कहा था कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए जितनी भाजपा जिम्मेदार है, उतनी कांग्रेस भी है।
आतंकवाद के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा, "आतंकवाद, नक्सलवाद और साम्प्रदायिकता देश की एकता व अखंडता के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हम इन समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आप लोग कांग्रेस को अपना वोट दीजिए, क्योंकि कांग्रेस ही एकमात्र पार्टी है जो धर्मनिरपेक्षता के प्रति समर्पित है।"
प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सितम्बर तक दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी के असर से उबर जाएगी और इसके बाद भारत एक बार फिर आठ से नौ फीसदी की विकास दर पर लौट आएगा।
उन्होंने कहा, "मैं आशा करता हूं कि विश्व अर्थव्यवस्था सितंबर तक कुछ हद तक मंदी से उबर जाएगी और यदि ऐसा होता है तो हम फिर आठ से नौ फीसदी की विकास दर पर लौट जाएंगे, जो पिछले साल देश के विकास की दर थी।"
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री असम से ही राज्यसभा से सदस्य हैं और वह यहां एक चुनावी सभा संबोधित करने आए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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