असम के एक गांव में इमाम तय करते हैं मतदाताओं का रुख
राज्य के उत्तरी हिस्से में स्थित मिलान चार गांव के लोग हर बार इमाम के कहने के मुताबिक ही मतदान करते हैं। गुवाहाटी से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस छोटे से गांव में ज्यादातर लोग बंगाली बोलते हैं। यहां के लोग अब तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि 23 अप्रैल को होने वाले मतदान में वे किसको वोट देंगे।
गांव के मौलवी हफीज बदर कासिमी कहते हैं, "हमें अभी तय करना है कि हम इस बार किसे वोट दें।" हालांकि गांव में कुछ मतदाताओं में मतभेद है। कुछ कहते हैं कि राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस को मत नहीं देना चाहिए जबकि कुछ असम युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एयूडीएफ) का समर्थन करना चाहते हैं।
गांव के निवासी और पेशे से अध्यापक करीम अली कहते हैं, "हम सभी लोग एकजुट होकर मतदान करते हैं। आमतौर पर गांव के 90 प्रतिशत मतदाता एक ही उम्मीदवार को अपना मत देते हैं।"
गौरतलब है कि 2.6 करोड़ की आबादी वाले असम में मुस्लिम समुदाय की आबादी 30 प्रतिशत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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