ईरानी-अमरीकी पत्रकार को आठ साल की क़ैद

31 वर्षीय रुख़साना इस वर्ष जनवरी से ईरान की एक जेल में बंद हैं. उन पर अमरीका के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया है.
साबरी ईरानी पिता और जापानी माँ की संतान हैं उनके पास अमरीका और ईरान की दोहरी नागरिकता है.
पिछले हफ़्ते अदालत में उनके मुक़दमे की शुरूआत हुई थी.
साबरी ने तीन साल पहले कुछ समय बीबीसी के लिए भी काम किया था. उन्होंने अमरीका के सरकारी रेडियो 'एनपीआर' और टेलीविज़न नेटवर्क में फ़ॉक्स न्यूज़ के लिए काम किया है.
साबरी को शराब ख़रीदने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. बाद में उन पर बिना वैध प्रेस कार्ड के ईरान में काम करने का आरोप लगाया गया.
बंद कमरे में सुनवाई
साबरी पर मुक़दमा ईरान के रिवोल्यूशनरी कोर्ट में बंद कमरे में चलाया गया.
रायटर्स समचार एजेंसी को साबरी के वकील अब्दुल समद ने कहा, "साबरी को आठ साल की सज़ा दी गई है और मैं इस सज़ा के खिलाफ़ अपील करूंगा."
बीबीसी संवाददाता जॉन लाइन के अनुसार तेहरान में अधिकतर लोगों का मानना है कि सब कुछ बहुत जल्दी में हुआ है लेकिन यह पता नहीं है कि अपील की प्रक्रिया में कितना समय लगेगा.
ग़ौरतलब है कि अमरीकी पहले ही साबरी पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बता कर उनकी गिरफ़्तारी पर अपनी चिंता ज़ाहिर कर चुका है. साथ ही विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने ईरान से साबरी को रिहा करने की अपील की थी.


Click it and Unblock the Notifications