दार्जिलिंग के पर्वतीय इलाकों में टेढ़ी खीर है मतदान

इनमें से एक मतदान केंद्र श्रीखोला में हैं। इस जगह की ऊंचाई समुद्र तल से 2,800 मीटर है। यहां मतदान अधिकारियों 12 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ेगा। इसके लिए उन्हें दो दिन पहले चलना होगा। यहां पहुंचने के बाद उन्हें ना तो बिजली मिलेगी और ना ही पानी। यह बात जरूर है कि यहां कुल 692 मतदाता है।

दार्जिलिंग के निर्वाचन अधिकारी सामदेन दुकपा ने बताया, "कोई भी वाहन वहां नहीं पहुंच सकता। मतदान के लिए जरूरी सामान खच्चर पर लादकर ले जाया जाता है। खच्चर उपलब्ध नहीं होने पर पिट्ठओं की मदद ली जाती है। मतदानकर्मियों को पैदल जाना पड़ता है।"

श्रीखोला से 200 मीटर नीचे है दारंगा। यहां 1,088 मतदाता हैं। यहां भी मतदान संपन्न करवाना निर्वाचन आयोग के लिए बड़ी चुनौती है।

दुमका ने आईएएनएस को बताया, "अगर दारंगा में मौसम खराब होता है तो इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचाया जाएगा। अगर मौसम में मतदानकर्मी फंसते हैं तो उन्हें हवाई रास्ते से मतदान केंद्र तक ले जाया जाएगा।"

गौरतलब है कि दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र में 30 अप्रैल को मतदान होगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+