कश्मीर में सेना घटाने का फैसला गर्मियों के बाद : सेना प्रमुख
कपूर ने समाचार चैनल 'एनडीटीवी' से कहा,"कश्मीर से सेना की तादाद घटाने के बारे में बात करना अभी जल्दबाजी होगी। कश्मीर में सेना घटाई जा सकती है या नहीं यह फैसला करने के लिए इस बार की गर्मियां महत्चपूर्ण हैं।"
विवादास्पद सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (एफएसपीए) के बारे में कपूर ने कहा कि सैनिकों को कानूनी रूप से संरक्षण देने के लिए एफएसपीए जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एफएसपीए को समाप्त करने की मांग की है और केंद्र सरकार ने चुनाव के बाद इस कानून की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।
सेना अध्यक्ष ने कहा कि यदि जरूरत हुई तो भारतीय सेना तालिबान से मुकाबला करने के लिए तैयार है।
दीपक कपूर ने कहा, "45 प्रतिशत से अधिक घुसपैठिए विदेशी हैं। यदि तालिबान यहां आने का निर्णय लेते हैं तो भारतीय सेना उनका मुकाबला करने में सक्षम है। तालिबान एक विचारधारा है और यह उनको लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद या हिजबुल मुजाहिदीन संगठनों से बेहतर लड़ाके नहीं बनाती, जिनका सामना अभी तक भारतीय सेना करती आ रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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