'उत्पीड़न' संबंधी दस्तावेज़ सार्वजनिक हुए

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के शासनकाल में गुप्तचर एजेंसी सीआईए के क़ैदियों से 'पूछताछ' के कार्यक्रम संबंधी दस्तावेज़ सार्वजनिक किए गए हैं.इस कार्यक्रम के आलोचकों का कहना है कि इस दौरान जिस तरह से पूछताछ की गई वह उत्पीड़न के समान ही था.
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बयान जारी कर ये गारंटी दी है कि किसी भी सीआईए कर्मचारी के ख़िलाफ़ इस कार्यक्रम के संबंध में मुकदमा नहीं चलाया जाएगा. उनका कहना है कि ये समय बदला लेने का नहीं बल्कि सोचने-समझने का है.
कुछ शारीरिक कष्ट स्वीकार्य
अमरीकी न्याय मंत्रालय ने चार गुप्त दस्तावेज़ों को छापा है जिसमें पूछताछ करने वाले अधिकारियों को बताया था कि क़ानून के तहत पूछताछ के कौनसे ऐसे तरीके हैं जो स्वीकार्य हैं. इनमें क़ैदियों के ख़िलाफ़ पानी का इस्तेमाल, उन्हें जंजीरों में रखना और नकाब पहनाना शामिल थे.
ये सलाह दी गई थी कि पूछताछ करने वाले अधिकारी क़ैदियों को कुछ हद तक शारीरिक कष्ट दे सकते हैं लेकिन बहुत ज़्यादा दर्द नहीं पहुँचा सकते. गुप्तचर एजेंसी सीआईए में एक पक्ष ऐसा था जो इन दस्तावेज़ों के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक किए जाने के ख़िलाफ़ था.
इस बारे में रिपोर्ट से संकेत मिले हैं कि इन लोगों को डर था कि इस कार्यक्रम के पूरी तरह सार्वजनिक किए जाने से सीआईए एजेंटों के ख़िलाफ़ मुकदमों की बौछार लग जाएगी. अमरीका में अमेरिकन सिविल लिबर्टीस यूनियन ने अनुरोध किया था कि इस कार्यक्रम को सार्वजनिक किया जाए.


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