कसाब ने उगला, मुंबई हमले का उद्देश्य कश्मीर पर कब्जा करना था (लीड-1)
विशेष लोक अभियोजक उज्जवल निकम ने कहा कि मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान गिरफ्तार किए गए एकमात्र पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब ने शुक्रवार को विशेष अदालत के समक्ष अपनी स्वीकारोक्ति में इस साजिश का खुलासा किया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम. एल. ताहिलयानी के समक्ष मुकदमे की सुनवाई शुरू करते हुए निकम ने कहा कि साजिश के तहत मुंबई और अन्य महानगरों में आतंकी हमलों को अंजाम देकर भारत सरकार को अस्थिर करना था जिससे वे जम्मू एवं कश्मीर पर कब्जा कर सकें जो कि उनका अंतिम उद्देश्य था।
प्रतिदिन आधार पर चलने वाली पहले दिन की सुनवाई के बाद निकम ने संवाददाताओं से कहा, "कसाब ने यह स्वीकार किया है कि उसे और उसके नौ अन्य सहयोगियों को पाकिस्तानी सेना के मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों ने हथियार एवं गोला-बारूद चलाने का प्रशिक्षण दिया।"
निकम ने कहा, "जब कसाब ने निशानेबाजी में महारत हासिल कर ली तो मेजर जनरल ने उसका पीठ थपथपाकर शाबासी दी थी।"
कसाब ने इस बात का भी खुलासा किया कि उन्हें प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया गया था होटल ताज महल पैलेस एंड टावर होटल और होटल ट्राइडेंट-ओबेराय में विशेष रूप से विदेशियों को निशाना बनाना है।
निकम ने कहा, "उन्हें अमेरिका, इजरायल, जर्मनी, ब्रिटेन और उन देशों के नागरिकों की हत्या करने का निर्देश दिया गया था जिनसे भारत के संबंध बेहतर हैं। "
इससे पहले कसाब ने अपने वकील अब्बास काजमी के जरिये अदालत में एक आवेदन दिया था जिसमें उसने दावा किया था कि उसकी उम्र 17 साल है इसलिए उसके मामले की सुनवाई किशोर न्यायालय में होनी चाहिए।
निकम ने कहा कि चूंकि कसाब अपनी उम्र छुपाते हुए झूठ बोल रहा था इसीलिए विशेष न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले ही उसके आवेदन को खारिज कर दिया।
कसाब 26-29 नवंबर को हुए मुंबई हमलों का मुख्य आरोपी है। इन हमलों में 170 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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