जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर ऑक्सफैम इंडिया ने छेड़ा अभियान
राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में ऑक्सफैम के ब्रांड एम्बैस्डर फिल्म अभिनेता राहुल बोस ने एक हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संगीत बैंड 'यूफोरिया' ने जलवायु परिवर्तन पर केंद्रित एक म्यूजिक वीडियो 'पाएंगे ऐसा जहां' भी जारी किया।
ऑक्सफैम इंडिया की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निशा अग्रवाल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर दिसम्बर 2009 में कोपेनहेगन में होने वाले संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक में दबाव बनाने के लिए यह अभियान छेड़ा गया है। उन्होंने कहा कि चूंकि जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार ग्रीन हाउस गैसों का अधिकांश उत्सर्जन विकसित देशों द्वारा किया जाता है अत: इसकी जिम्मेदारी विकासशील देशों पर डाल कर वे बच नहीं सकते।
राहुल बोस ने कहा कि जलवायु परिवर्तन ऐसी समस्या नहीं है जो एक दिन में असर दिखाए इसलिए हम 'बाद में देखेंगे' की नीति अपना कर आसानी से अपनी आंखें मूंदे रह सकते हैं लेकिन हमें यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि इसका भुगतान आने वाली पीढ़ियों को करना होगा।
यूफोरिया बैंड के शीर्ष गायक पलाश सेन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हम केवल सरकारों पर आश्रित नहीं रह सकते बल्कि हम सभी को इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा हमें जैसे भी संभव हो कार्बन उत्सर्जन करने वाली वस्तुओं का इस्तेमाल कम करना चाहिए।
ऑक्सफैम इंडिया ने हस्ताक्षर अभियान को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट क्लाइमेटचेंजडॉट कॉम' नामक वेबसाइट भी लांच की।
सम्मेलन में देश के अलग अलग इलाकों से आए किसानों ने जलवायु परिवर्तन के कारण हो रही समस्याओं के अनुभव भी उपस्थित लोगों से बांटे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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