नेपाल में रह रहे भारतीय अपने मताधिकार के प्रयोग को लेकर संजीदा नहीं
काठमांडू, 17 अप्रैल(आईएएनएस)। बेहतर इलाज की सुविधा हासिल करने, संबंधियों की शादी में भाग लेने या व्यापार के सिलसिले में वे अक्सर भारत का चक्कर लगाते रहते हैं, पर चुनावी मौसम में भारत जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने में उनकी खास दिलचस्पी नहीं है। बात नेपाल में रह रहे लाखों भारतीयों की हो रही है जो अपने मताधिकार को लेकर ज्यादा संजीदा नहीं है।
नेपाल में रहने वाले भारतीयों को स्वदेश जाकर अपना कीमती वोट गिराने की फुर्सत नहीं है। भारत के चुनाव आयोग ने मतदाताओं की आकर्षित करने के लिए जोरदार अभियान चलाया, पर नेपाल ऐसे अभियान के असर से अछूता रहा।
इंडियन सिटीजन्स एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख शिव राज सिंह राघव ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "नेपाल में 300,000 से 400,000 भारतीय या भारतीय मूल के लोग हैं। मैं खुद उत्तर प्रदेश से हूं और यहां 25 साल से रह रहा हूं। हमने भारतीय दूतावास से आग्रह किया था कि वह भारतीयों को वोट गिराने की सुविधा नेपाल में मुहैया कराए, पर दूतावास ने असमर्थता जाहिर कर दी।"
नेपाल-इंडिया फ्रेंडशिप सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रेम लक्ष्मी का कहना है कि नेपाल में रहने वाले भारतीय व्यापारियों की राजनीति में खास दिलचस्पी नहीं है। उनका मानना है पुरानी पीढ़ी के भारतीयों की राजनीति में रुचि कम है, पर युवा पीढ़ी की दिलचस्पी इसमें बढ़ रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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