आडवाणी जैसे नेता की जरूरत: वाजपेयी

वाजपेयी (82) खराब स्वास्थ्य के कारण खुद चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने जनता से एक मजबूत नेता और निर्णायक सरकार चुनने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत नेता और निर्णायक सरकार देना भाजपा का वादा है और इस वादे को आडवाणी पूरा करेंगे।
भाग्य के चौराहे पर खड़ा राष्ट्र
वाजपेयी की यह अपील लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की पूर्व संध्या पर आई है। वाजपेयी ने अपनी अपील में कहा है, "राष्ट्र आज भाग्य के चौराहे पर खड़ा है। एक रास्ता कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार की ओर जाता है, जिसने कि पिछले पांच सालों के दौरान विकास और सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया है। दूसरा रास्ता ऐसे गठबंधनों की ओर जाता है, जिनके प्रमुखों का मकसद किसी भी तरह सत्ता हासिल करना है।"
वाजपेयी ने कहा है, "तीसरा रास्ता भाजपा नेतृत्व वाले राजग की ओर जाता है, जो कि राजनीतिक स्थिरता, विकास, अच्छे प्रशासन और सुरक्षा के प्रति समर्पित है। अपने छह वर्षो के शासनकाल में इसने अपने संकल्पों को हकीकत में बदल कर दिखाया है।"
आडवाणी की क्षमता पर पूरा विश्वास
आडवाणी के बारे में उन्होंने कहा है, "हमने वर्ष 1952 से साथ काम किया है। हमने सरकार में और विपक्ष में साथ काम किया है। मैं उनकी बौद्धिकता, विचारों की स्पष्टता और हर किसी को साथ लेकर चलने की क्षमता से प्रभावित हूं। भारतीय राजनीति में उनका एक अनोख स्थान है।"
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है, "भाजपा को इस ऊंचाई तक पहुंचाने में आडवाणी का बड़ा हाथ है। मैं मानता हूं कि आज भारत को आडवाणी जैसे नेता की जरूरत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications