अमेरिका को भारत की आगामी सरकार के साथ बेहतर तालमेल की सलाह

अरुण कुमार

वाशिंगटन, 16 अप्रैल(आईएएनएस)। भारत में राजनीतिक समीकरण में बदलाव के संकेतों के बीच एक पूर्व अमेरिकी मंत्री ने अमेरिका को सुझाव दिया है कि भारत में सरकार चाहे जिसकी भी बने, इसका असर द्विपक्षीय रिश्ते पर नहीं पड़ना चाहिए।

दक्षिण एशियाई मामलों के पूर्व उप सहायक विदेश मंत्री ईवान ए़ फीगेनबॉम ने वाशिंगटन के एक थिंक टैंक की वेबसाइट सीएफआऱ आर्ग से बातचीत करते हुए कहा, "अमेरिका अतीत में विपक्षी गंठबंधन के नेतृत्व वाली सरकारों के साथ बेहतर ताल्लुक बनाकर रिश्तों को ऊंचाई पर पहुंचाने का प्रयास कर चुका है। अमेरिका के लिए यह महत्वपूर्ण नहीं होना चाहिए कि भारत में सरकार किसकी बनेगी। हां, यह जरूर है कि क्षेत्रीय पार्टियों के उभार को देखते हुए अमेरिका को अपनी कूटनीति का तरीका बदलना पड़ सकता है। किसी ढीले-ढाले गठबंधन का सत्ता में आना अमेरिका के लिए चुनौती भरा हो सकता है।"

उन्होंने कहा कि अमेरिका को हमेशा इसका ख्याल रखना पड़ेगा कि कांग्रेस के पूर्ण दबदबे का युग बीत चुका है। अब कांग्रेस को क्षेत्रीय पार्टियों की मदद लेनी पड़ रही है। उस पर छोटी-बड़ी क्षेत्रीय पार्टियां हावी हैं। अब काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के वरिष्ठ शोधकर्ता फीगेनबॉम ने कहा, "अमेरिका के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि नई भारत सरकार की निर्णय प्रक्रिया पर क्षेत्रीय दलों का कितना दबाव है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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