'पाक के लिए मुश्किल है भारत की बजाए तालिबान पर ध्यान देना'
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 16 अप्रैल(आईएएनएस)। ऐसे में जब पाकिस्तानी सेना भारत को नंबर एक खतरा मानने की आदी रही है, पाकिस्तान के लिए भारत की ओर से ध्यान हटाकर उसे तालिबान पर केंद्रित करना आसान नहीं है। यह कहना है एक पूर्व अमेरिकी मंत्री का।
दक्षिण एशियाई मामलों के उप सहायक विदेश मंत्री रह चुके ईवान ए़ फीगेनबॉम ने कहा, "भारत और अमेरिका ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान को भी इसका अहसास है कि अफगानिस्तान से सटे उसके इलाके शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। इस कड़वे सच के बावजूद पाक की नजर में भारत ही उसके लिए सबसे बड़ा खतरा है।"
काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के वरिष्ठ शोधकर्ता फीगेनबॉम ने वाशिंगटन के एक थिंक टैंक की वेबसाइट सीएफआऱ ऑर्ग के साथ बातचीत में कहा, "पाकिस्तान की सेना को पारंपरिक तौर पर भारत के खिलाफ लड़ने का प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। उसे शुरू से ही यह बताया जाता रहा है कि भारत उसका 'दुश्मन नंबर एक' है।" तालिबान के खिलाफ सशक्त लड़ाई के लिए यह जरूरी है कि पाक सेना की वैचारिक दिशा बदली जाए।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में भारत और अमेरिका दोनों देशों के हित दांव पर लगे हैं और दोनों की यह कूटनीतिक बाध्यता है कि अफगानिस्तान में शांति बहाली के लिए आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के रवैये में बदलाव लाने के प्रयास तेज हों।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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