हाथी, हेलीकॉप्टर और पदयात्रा कर मतदान केंद्रों पर पहुंचे मतदानकर्मी
एक निर्वाचन अधिकारी ने कहा, "देश के पूर्वोत्तर हिस्से में मतदान संपन्न कराना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि मतदान केंद्र अति दूरवर्ती दुर्गम स्थानों पर होते हैं। वहां पहुंचने में ही चार दिन लग जाते हैं। कुछ स्थानों पर चुनावी सामग्री को ढोकर ले जाने के लिए हाथियों और हेलीकाप्टरों की मदद लेनी पड़ती है।"
असम और मेघालय में मतदानकर्मियों और सामग्री को ले जाने के लिए हाथियों का इस्तेमाल किया गया। असम के कर्बी आग्लांग जिले में 40 किलोमीटर का रास्ता जंगली एशियाटिक हाथियों के इलाके से होकर तय करना पड़ता है।
अधिकारी ने कहा, "मेघालय में हमें 200 से अधिक मतदान केंद्रों पर पहुंचने के लिए पालतू हाथियों का इस्तेमाल करना पड़ा। खासतौर से तुरा संसदीय क्षेत्र जंगली हाथियों के हमले को लेकर संवेदनशील है।"
अरुणाचल प्रदेश में चार मतदान केंद्रों पर मात्र तीन-तीन मतदाता हैं। तवांग, कुरंग, अपर सुबानसिरी और दिबांग घाटी में स्थित मतदान केंद्रों पर पहुंचने के लिए मतदान कर्मियों को तीन से चार दिन तक पैदल यात्रा करनी पड़ी।
अधिकारी ने कहा, "हमारे अधिकारियों के सामने पहली और बड़ी चुनौती समय पर मतदान केंद्रों पर पहुंचना और मतदान को संपन्न कराना है। दूसरी बड़ी चुनौती मतदान मशीनों को सुरक्षित रूप में नजदीक के जिला मुख्यालय पर पहुंचाना है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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