मंदी को झेलने में कामयाब रहा इंफोसिस लेकिन भविष्य चुनौतीपूर्ण (राउंडअप)
कंपनी बोर्ड के सदस्य टी.वी. मोहनदास पाइ ने कहा कि मंदी से निपटने की नीति के तहत कंपनी वित्त वर्ष 2009-10 के दौरान कर्मचारियों को कोई वेतनवृद्धि नहीं देगी, हालांकि कंपनी वेतन में किसी तरह की कटौती भी नहीं करेगी। इसके अलावा कर्मचारियों को किसी तरह की पदोन्नति भी नहीं दी जाएगी।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान 59.88 अरब रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। इस बीच कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की तुलना में अगले वर्ष में 1.7 से 5.7 फीसदी के बीच विकास का अनुमान भी प्रकट किया है।
बुधवार को जारी एक वक्तव्य के मुताबिक कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान उसने 216.93 अरब रुपये का कुल लाभ अर्जित किया जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 फीसदी ज्यादा है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2008-09 की चौथी तिमाही में 16.13 अरब रुपये का संचयी शुद्ध लाभ होने की घोषणा भी की। इससे पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में यह 29 फीसदी अधिक है।
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की इस जानी मानी कंपनी ने बताया कि समीक्षा अवधि में कंपनी को कुल मिलाकर 56.35 अरब रुपये का लाभ हुआ जो पिछले वर्ष की समान अवधि में हुए लाभ की तुलना में 24 फीसदी अधिक है।
इसके अतिरिक्त कंपनी ने वित्त वर्ष 2008-09 के लिए प्रति शेयर 13.50 रुपये का लाभांश देने की घोषणा की है। यह लाभांश कंपनी के शेयरों की आरंभिक कीमत पांच रुपये प्रति शेयर का 270 फीसदी है।
कंपनी ने बुधवार को एक वक्तव्य में कहा कि उसने शेयरधारकों को लाभांश देने के लिए 7.73 अरब रुपये का प्रावधान किया है। यह लाभांश आगामी जून में कंपनी की सालाना बैठक में शेयरधारकों की अनुमति मिलने के बाद दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कंपनी ने अक्टूबर 2008 में वित्त वर्ष 2009 की पहली छमाही के लिए आधार कीमत पर 200 फीसदी अथवा प्रति शेयर 10 रुपये के अंतरिम लाभांश की घोषणा की थी।
कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की भांति इस वर्ष विशेष लाभांश की घोषणा नहीं की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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