अमेरिकी सेना में सिखों पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ अभियान

वाशिंगटन, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका में सिख संगठनों ने पगड़ी हटाए और केश कटवाए बिना अमेरिकी सेना में शामिल होने के लिए सिखों पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए अभियान आरंभ किया है।

सेना के दो सिख प्रशिक्षुओं को अंतिम तैनाती के योग्य होने के लिए पगड़ी हटाने और केश कटवाने के लिए कहे जाने के बाद मंगलवार को पेंटागन के समीप प्रसिद्ध ' युद्ध स्मारक' पर विरोध प्रदर्शन आरंभ हो गया।

चिकित्सक कैप्टन कमलजीत सिंह कलसी और दंत विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट तेजदीप सिंह रतन को जुलाई में 'एक्टिव ड्यूटी' पर आने से पहले अपनी पगड़ी हटाने और केश कटवाने का आदेश दिया गया। दोनों ने हाल ही सेना का एक कार्यक्रम हाल ही में पूरा किया है।

अमेरिका में सिखों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक संगठन के करीब एक दर्जन सदस्यों के साथ कलसी और रतन भी युद्ध स्मारक पर हुए विरोध प्रदर्शन पर शामिल हुए।

दोनों ने अमेरिकी सेना के भेदभावपूर्ण नियम के खिलाफ संघर्ष करने का इरादा जताया है, जिससे सेना के माध्यम से अपने देश की सेवा से उन्हें रोका जा रहा है।

कलसी और रतन ने मंगलवार को सेना को एक याचिका देकर आश्वासन दिया कि कार्य के दौरान उनकी पगड़ी या केश से कोई असुविधा नहीं होगी।

सिख समुदाय ने इस भेदभाव पूर्ण नियम को समाप्त करने के लिए हस्ताक्षर अभियान भी आरंभ किया है। इसके तहत इन दोनों के खिलाफ भेदभाव खत्म करने के लिए 15,000 लोगों के हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाएगा।

अमेरिकी सेना ने अपने सदस्यों के विशेष धार्मिक कार्यो या विश्वास को वर्ष 1981 में प्रतिबंधित किया था। परंतु इस प्रावधान से पहले सेना में शामिल कुछ सिखों को अपनी धार्मिक पहचान कायम रखने की अनुमति दी गई।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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