उम्मीदवार की हत्या से जौनपुर में तनाव

जौनपुर सीट से उम्मीदवार बहादुर सोनकर का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. पोस्ट मॉर्टम से पता लगा है कि उन्हें मारने के बाद लटका दिया गया था. भारी सुरक्षा के बीच गोमती नदी के किनारे राम घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.पुलिस अधीक्षक के मुताबिक पीड़ित परिवार के एक प्रार्थना पत्र के आधार पर हत्या का मुक़दमा दर्ज किया गया है.
पीड़ित परिवार ने एक लिखित प्रार्थना पत्र में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी एवँ विधायक धनंजय सिंह और कुछ पुलिसकर्मियों पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है. पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दोहरे ने बताया कि अब पुलिस इस मामले में जल्दी जाँच पड़ताल करेगी. बनारस से 50 किलोमीटर दूर जौनपुर में सोनकर के घर के पास ही एक पेड़ पर उनका शव लटका मिला था.
डॉक्टरों के अनुसार मृत प्रत्याशी के सिर पर चोट का निशान मिला है जिससे स्पष्ट होता है कि उन्हें मारकर फिर लटकाया गया था. इस घटना से इलाक़े में तनाव है और लोग सदमे में हैं. पहले लोग पुलिस को शव उतारने नहीं दे रहे थे. डॉक्टरों ने जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक को पोस्ट मॉर्टम की रिपोर्ट भेज दी है. साथ ही डॉक्टरों ने पोस्ट मॉर्टम की एक कॉपी इंडियन जस्टिस पार्टी के प्रमुख उदित राज को भी सौंपी है. बहादुर सोनकर इंडियन जस्टिस पार्टी के ही उम्मीदवार थे.
स्थानीय तनाव
पोस्टमॉर्टम घर के बाहर काफ़ी भीड़ जमा थी और इंडियन जस्टिस पार्टी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शव को ले जाना चाह रहे थे. मगर प्रशासन ने शव देने से इनकार कर दिया. इससे पहले सोनकर के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की है.
उन्होंने आरोप लगाया कि ये हत्या प्रशासन की मिलीभगत से हुई है. उन्होंने इसे राजनीतिक हत्या करार दिया और कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को तुरंत बर्ख़ास्त कर देना चाहिए. उदित राज ने बहादुर सोनकर की हत्या की जाँच सीबीआई से कराने की मांग की. 35 वर्षीय बहादुर सोनकर इंडियन जस्टिस पार्टी के उम्मीदवार थे.
इंडियन जस्टिस पार्टी का नेतृत्व दलित नेता उदित राज करते हैं. बहादुर सोनकर के परिजनों का आरोप है कि जौनपुर से सत्ताधारी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार धनजंय सिंह हत्या की साज़िश में शामिल हैं. धनंजय सिंह माफ़िया समझे जाते हैं और बसपा ने इस बार लोकसभा चुनाव में कई आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट दिया है.
मामला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय मायावती ने माफ़िया राज ख़त्म करने का वादा किया था और चुनाव में जीत की एक अहम वजह उनका ये वादा माना जाता है. स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि बहादुर सोनकर ने अधिकारियों को ये सूचना दे दी थी कि उनकी जान को ख़तरा है और उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए.
बहादुर सोनकर ने आरोप लगाया था कि एक स्थानीय पुलिस अधिकारी बसपा उम्मीदवार के कहने पर उन पर दबाव डाल रहा है कि वे अपनी उम्मीदवारी वापस ले लें. जौनपुर से मौजूदा सांसद और समाजवादी पार्टी उम्मीदवार पारस नाथ यादव मौक़े पर पहुँचे और हत्या की निंदा की. उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया.
ज़िला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दोहरे ने बताया है कि सोनकर के परिजनों ने हत्या के लिए अपहरण की रिपोर्ट दी थी. उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह छह बजे पुलिस ने मामला दर्ज कर दिया था. लेकिन ऐसा लगता है कि शव मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया.


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