फिजी में सैन्य सरकार ने शिकंजा कसा
वेलिंग्टन, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। फिजी की सैनिक सरकार ने देश पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए रिजर्व बैंक की कमान अपने हाथ में ले ली है और मानवाधिकार आयोग का कार्यालय बंद करने का आदेश दिया है।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार राजधानी सुवा से मिली खबरों में कहा गया है कि रिजर्व बैंक में विनिमय नियंत्रण तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया है। रेडियो न्यूजीलैंड के अनुसार रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर सादा रेड्डी ने कहा है कि इस कदम का मुख्य मकसद विदेशी मुद्रा भंडार की हिफाजत है।
प्रमुख अर्थशास्त्री कैमरून बैग्री के अनुसार फिजी की अर्थव्यवस्था बिखरने के कगार पर है।
प्रधानमंत्री वार्के बेनिमरामा के नेतृत्व वाली फौजी सरकार ने देश के समाचार पत्रों, रेडियो और टीवी सेवाओं पर कड़े सेंसर कानून लागू कर दिए हैं और देश के मानवाधिकार आयोग से कहा है कि इस्टर अवकाश के मद्देनजर सुवा में अपना कार्यालय बंद रखे।
फिजीलाइव वेबसाइट ने अध्यक्ष शाइस्ता शमीम के हवाले से खबर दी है, "कर्मचारियों को सुबह कार्यालय जाने पर परिसर में पुलिसकर्मी तैनात मिले। कर्मचारियों से कहा गया कि उनके पास मानवाधिकार आयोग का कार्यालय बंद रखने का आदेश है।"
ऑस्ट्रेलियन ब्राडकॉस्टिंग कमिशन से संबद्ध प्रशांत मामलों के वरिष्ठ संवाददाता सीन डॉर्नी और न्यूजीलैंड टीवी3 की संवाददाता सिया एस्टन और उनके कैमरामैन को देश छोड़ने के आदेश देने के बाद विमान तक छुड़वा दिया गया।
फिजी के एक स्थानीय टीवी रिपोर्टर को देश से बाहर समाचार भेजने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
राष्ट्रपति रातू जोसेफा इलोएला ने न्यायाधीशों को बर्खास्त कर संविधान को भंग कर दिया था तथा देश में आपात स्थिति घोषित कर दी थी। उसके बाद बेनीमरामा और उनके सहयोगियों ने शपथ ग्रहण की थी।
आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की सरकारों ने बेनीमरामा को तानाशाह करार देते हुए उनकी आलोचना की है । दोनों देश फिजी की फौजी सरकार पर प्रतिबंध लगाने के लिए अन्य देशों के साथ विचार-विमर्श कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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