नंदीग्राम में हिंसा की आशंका

बाद में मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) और तृणमूल के नेतृत्व में भूमि अधिग्रहण का विरोध करने वाले किसानों के बीच जो हिंसा छिड़ी उसमें लगभग 37 लोगों की जान चली गई। नंदीग्राम पूर्वी मिदनापुर जिले के तामलुक लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां से मौजूदा सांसद लक्ष्मण सेठ एक बार फिर माकपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस-तृणमूल गठबंधन की ओर से शुभेंदु अधिकारी मैदान में हैं।
हिंसा की आशंका
नंदीग्राम के निवासी भवानी प्रसाद का कहना है, "इसबार चुनाव के समय हिंसा की आशंका से हम भयभीत हैं। हमें पता चला है कि माकपा कार्यकर्ता मतदाताओं को डराने के लिए हथियारों और देशी बमों के साथ तैयारी कर रहे हैं।" स्थानीय निवासी सुफियान भी हिंसा की आशंका से भयभीत हैं। उनका कहना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे स्थिति भी बदलती जा रही है। यहां तनाव बहुत है और यह नहीं कहा जा सकता कि लोग स्वतंत्र होकर मतदान कर सकेंगे।
स्थानीय माकपा नेता अशोक गुरिया ने कहा, "तृणमूल कार्यकर्ता हमारे समर्थकों को लगातार धमकी दे रहे हैं कि वे वाम उम्मीदवार को वोट न दें।" भूमि उच्छेद प्रतिरोध समिति (बीयूपीसी) के कार्यकर्ता शेख अशरफुलतुल्लाह ने कहा, "हम प्रखंड विकास अधिकारी के साथ बैठक कर रहे हैं ताकि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications