निर्वाचन आयोग आचार संहिता के मामले में सुझाव तक सीमित : चावला
मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने आए चावला ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आचार संहिता का उल्लंघन किए जाने के मामले में दो तरह से कार्रवाई होती है, एक तो आयोग संबंधित दल को सुझाव देता है और दूसरा जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है।
चावला ने चुनाव आयोग की तैयारियों का ब्योरा देते हुए बताया है कि तमाम पुलिस अधीक्षकों और कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन करें। साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने से भी न हिचकें। चुनाव के दौरान होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए हर संसदीय क्षेत्र में तीन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। इतना ही नहीं संवेदनशील, अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों पर वीडियों तथा डिजिटल कैमरे लगाए जाएंगे।
कई उम्मीदवारों द्वारा डमी उम्मीदवारों के जरिए लाभ अर्जित करने की कोशिशों को रोकने के लिए आयोग की पहल के बारे में चावला ने बताया कि डमी उम्मीदवारों पर खास तौर पर नजर रखी जा रही है और अगर पाया जाता है कि डमी उम्मीदवार अन्य किसी उम्मीदवार का प्रचार कर रहा है तो उसके खर्च को मुख्य उम्मीदवार के खर्च में जोड़ा जाएगा। उन्होंने मीडिया से भी इसमें सहयोग की अपील की। इतना ही नहीं उम्मीदवारों के विशेष आयोजनों पर भी आयोग की नजर है।
चावला ने बताया कि मतदान के समय मध्य प्रदेश से लगती अन्य राज्यों की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा। नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट में हेलीकाप्टर के जरिए नजर रखी जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications