शरिया कानून की मंजूरी के बाद मौलाना ने की स्वात में शांति की अपील
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक राष्ट्रपति आसिफअली जरदारी ने स्वात घाटी सहित मालकंद क्षेत्र के आठ जिलों में इस्लामी कानून लागू करने को लेकर हुए विवादित समझौते पर सोमवार को देर रात हस्ताक्षर कर दिए थे। इसके पहले नेशनल एसेंबली ने इस समझौते को मंजूरी दे दी थी।
उर्दू चैनल 'आज' ने मोहम्मद के हवाले से मंगलवार को कहा, "अब हम स्वात में पूर्ण शांति की गारंटी देते हैं।"
ज्ञात हो कि मौलाना सूफी मोहम्मद ने उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत सरकार व स्थानीय तालिबान नेता मौलाना फजलुल्लाह के बीच 16 फरवरी को एक शांति समझौते में मध्यस्थता की थी।
तालिबान आतंकियों ने भरोसा दिलाया था कि क्षेत्र में शरिया कानून लागू हो जाने के बाद वे हथियार डाल देंगे। मोहम्मद ने आतंकवाद की समाप्ति के लिए स्वात के मिंगोरा कस्बे में एक शांति शिविर की स्थापना भी कर दी थी।
मोहम्मद ने तालिबान समूहों से मंगलवार को कहा कि वे अब अपने हथियार डाल दें और इस्लामिक न्याय प्रणाली की स्थापना में मदद करें।
लेकिन पर्यवेक्षकों का मानना है कि मोहम्मद का उन कट्टर तालिबानियों पर उतना प्रभाव नहीं है, जो पूरे क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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