उत्तर कोरिया ने दी परमाणु वार्ता के बहिष्कार की धमकी (राउंडअप)
सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने विदेश विभाग के हवाले से जारी एक बयान में कहा कि छह पक्षीय जिस वार्ता में हम हिस्सा ले रहे थे, उसे आगे जारी रखने की आवश्यकता नहीं है।
बयान में कहा गया है, "हम आगे इस वार्ता में हिस्सा नहीं लेंगे और छह पक्षीय वार्ता के दौरान हुए समझौते अब बाध्य नहीं होंगे।"
उत्तर कोरिया ने यह भी कहा कि वह योंगब्यान परमाणु संयंत्र को फिर शुरू करने और परमाणु ईंधन का निर्माण करने का इरादा रखता है। आत्मरक्षा के लिए परमाणु प्रतिरोध हासिल करने के लिए कोरिया हर रास्ता अपनाएगा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सोमवार को उत्तर कोरिया के पांच अप्रैल के मिसाइल प्रक्षेपण की निंदा के बाद कम्युनिस्ट देश का यह बयान आया है।
उत्तर कोरिया ने मिसाइल प्रक्षेपण से पहले ही धमकी दी थी कि यदि सुरक्षा परिषद ने उसकी निंदा की तो वह वार्ता का बहिष्कार करेगा। उसका कहना है कि प्रक्षेपण एक संचार उपग्रह को स्थापित करने के लिए था, वहीं अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया को विश्वास है कि यह तेइपोदोंग-2 मिसाइल के परीक्षण के लिए था।
उत्तर कोरिया के साथ वार्ता में शामिल देशों ने इस मामले में संयम बरतने की अपील की है। चीन ने सभी पक्षों से शांत रहने का आग्रह किया है। जापान छह देशीय वार्ता फिर आरंभ करना चाहता है। रूस ने भी उत्तर कोरिया को वार्ता के बहिष्कारों के प्रभाव के संबंध में चेतावनी दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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