'तालिबान ने पाक पंजाब में की घुसपैठ' (लीड-1)
न्यूयार्क टाइम्स ने सोमवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के दक्षिण-पश्चिम जिले डेरा गाजी खान के कई गांव और कस्बे आतंकवादियों के नियंत्रण में हैं।
पाकिस्तानी पुलिस के एक अधिकारी ने अखबार से बातचीत में कहा, "बहुत सारे लोग इस मामले की गंभीरता को नहीं समझते। यह अहम है कि अगर आपको पाकिस्तान को अस्थिर करना है तो सबसे पहले पंजाब को अस्थिर करना होगा।"
अखबार का कहना है, "दक्षिणी और पश्चिमी पंजाब में कम से कम पांच कस्बों में नाई की दुकानें, म्यूजिक स्टोर और इंटरनेट कैफे पर आतंकवादियों की निगरानी रहती है।"
अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के कबायली इलाके में 10 फीसदी आतंकवादी पंजाबी हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, "पंजाबी आतंकवादी लाहौर समेत पंजाब के कई शहरों में आत्मघाती हमलावरों को कई तरह की सहायता मुहैया करा सकते हैं।"
अमेरिकी अखबार ने वर्ष 2007 में इस्लामाबाद की लाल मस्जिद में मारे गए अब्दुल राशिद गाजी की पत्नी उम्मे हसन का भी जिक्र किया है। मुजफ्फरगढ़ के एक निवासी ने कहा, "उम्मे ने दावा किया है कि वह तीन महीने में इस्लामिक क्रांति ला देगी।"
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार कबायली इलाके में अमेरिकी चालक रहित विमानों 'ड्रॉन' के हमलों से परेशान आतंकवादी नए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं। हाल ही में राष्ट्रपति बराक ओबामा की नई अफगान-पाक नीति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ब्रूस रिडेल के हवाले से कहा कि अब पंजाब में तालिबान के व्यापक संपर्क हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों स्थानों के आतंकवादियों में संपर्क बहुत पहले से था और अब यह अधिक मजबूत हो रहा है। कश्मीर में आतंक फैलाने पर अपना ध्यान केंद्रित करने वाले पंजाबी आतंकवादी समूह और तालिबान के बीच 80 के दशक से ही संबंध हैं।
अखबार ने एक अज्ञात अमेरिकी आतंकवाद विरोधी विशेषज्ञ के हवाले से कहा कि तालिबान और अल कायदा आतंकवादियों के पास धन, सुरक्षित स्थान, प्रशिक्षण स्थल और आत्मघाती हमलावर हैं। पंजाबी आतंकवादी उनको शहरों में शरण देने और निशानों पर हमला करने वाले आतंकवादियों का मार्ग दर्शन कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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