बांग्लादेश में मदरसों पर रखी जा रही है निगरानी
चटगांव प्रशासन ने अभी हाल ही में चटगांव के पाथरघाटा इलाके से सोमवार को पाकिस्तान स्थित इस्लामिक संगठन दावत-ए-इस्लामी के सात सदस्यों को संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया।
उधर दक्षिणी बांग्लादेश के भोला द्वीप में एक मदसरे से बड़ी संख्या में हथियार, विस्फोटक एवं प्रचार सामग्री बरामद किए जाने के बाद अब संदिग्ध आतंकी गतिविधियों की जांच गहनता से की जा रही है। इस मदरसे की स्थापना ब्रिटिश इस्लामिस्ट चैरिटी ग्रीन क्रिसेंट ने की थी और वही कोष मुहैया कराता है।
इस मामले की जांच करने वाले अधिकारियों को इसमें पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का हाथ होने का अंदेशा है। जांचकर्ताओं ने कहा कि यहां आने वाले लोगों में पाकिस्तानी मूल के 25 ब्रिटिश नागरिक शामिल थे।
शिक्षा मंत्री द्वारा उपायुक्तों को जारी निर्देश के बाद इन मदरसों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
बांग्लादेश सरकार नूरानी, फोरकानिया, हाफिजिया व अहले हदीस जैसे मदरसों और मस्जिदों आधारित धार्मिक संस्थानों जो कि विभिन्न स्कूल चलाते हैं, उन पर नियंत्रण चाहती है।
मंत्रालय के एक पत्र में कहा गया, "वर्तमान में इस तरह के धार्मिक संस्थान बांग्लादेश मदरसा एजुकेशन बोर्ड के नियंत्रण के बगैर चल रहे हैं।"
कानून मंत्री शफीक अहमद ने पिछले एक अप्रैल को मीडिया से कहा था कि सरकार देशभर के मदरसों को पंजीकृत करना चाहती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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