उत्तर प्रदेश :कई दिग्गजों के चुनावी भविष्य का फैसला पहले चरण में
लखनऊ, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में उत्तर प्रदेश की 16 संसदीय सीटों के लिए 16 अप्रैल को होने वाले मतदान में केंद्रीय मंत्री महावीर प्रसाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी और भाजपा के योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर होगी। पहले चरण में यहां से 12 महिलाओं समेत 271 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
आजमगढ़, बलिया, बांसगांव, चन्दौली, देवरिया, गाजीपुर, घोंसी, गोरखपुर, कुशीनगर, लालगंज, मछलीशहर, महाराजगंज, राबर्ट्सगंज, मिर्जापुर, सलेमपुर और वाराणसी में पहले चरण के लिए मतदान होंगे।
इस चरण में जिन नेताओं पर सबकी नजरें रहेंगी उनमें मुरली मनोहर जोशी, भाजपा के वर्तमान सांसद योगी आदित्यनाथ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के अकबर अहमद डम्पी, बसपा के ही अफजाल अंसारी व उनके भाई मुख्तार अंसारी, केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महावीर प्रसाद, वाराणसी से कांग्रेस के वर्तमान सांसद राजेश मिश्रा, बलिया से पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र एंव सपा प्रत्याशी नीरज शेखर और कुशीनगर से बसपा के प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश के सहकारिता मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य प्रमुख हैं।
जिन सीटों पर इस चरण में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी उनमें सबसे प्रमुख वाराणसी है। पिछला लोकसभा चुनाव इलाहाबाद से हारने के बाद जोशी इस दफा वाराणसी से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने वर्तमान सांसद राजेश मिश्रा को उनके खिलाफ उतारा है तो बसपा ने बाहुबली मुख्तार अंसारी को मैदान में उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वाराणसी में करीब साढ़े छह लाख मतदाता हैं।
वाराणसी की ही तरह गोरखपुर में भी इस बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। पिछले दो चुनावों से इस सीट पर भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ का कब्जा है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने यहां से भोजपुरी नायक और गायक मनोज तिवारी को मैदान में उतारा है और बसपा ने विनय शंकर तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या करीब सात लाख है।
पहले चरण में गोरखपुर से सटी आजमगढ़ सीट पर भी लोगों की खास नजर है। यहां पर बसपा के अकबर अहमद डम्पी और भाजपा के बाहुबली नेता रमाकांत यादव के बीच कांटे की टक्कर है। पिछले चुनाव में डम्पी ने रमाकांत को शिकस्त दी थी। माना जा रहा है कि हाल ही में गठित उलेमा काउंसिल यहां के नतीजों पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है। काउंसिल ने डा. जावेद अख्तर को आजमगढ़ से अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां पर कुल मतदाताओं की संख्या करीब सवा सात लाख है।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की परंपरागत सीट बलिया पर भी दिलचस्प मुकाबला है। सपा ने एक बार फिर चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने पूर्व सांसद मनोज सिन्हा को उनके खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा है तो बसपा ने संग्राम सिंह यादव को टिकट दिया है।
पिछले लोकसभा चुनाव में चंद्रशेखर ने यहां से जीत दर्ज की थी, लेकिन उनकी मौत के बाद बलिया में उपचुनाव कराया गया था जिसमें उनके बेटे नीरज को जीत मिली थी। इस बार यहां दिलचस्प मुकाबले की उम्मीद है। यहां पर कुल मतदाताओं की संख्या करीब छह लाख बीस हजार है।
बांसगाव सीट पर कांग्रेस के महावीर प्रसाद और भाजपा के कमलेश पासवान के बीच मुकाबला है तो गाजीपुर सीट पर बसपा के वर्तमान सांसद अफजाल अंसारी, सपा के राधेमोहन सिंह और भाजपा के प्रभुनाथ के बीच टक्कर है। नवगठित कुशीनगर सीट पर बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य, कांग्रेस के आर. पी. एन. सिंह और भाजपा के विजय दुबे के बीच कड़ा मुकाबला है।
पहले चरण के मतदान से ठीक पहले जौनपुर संसदीय सीट से इंडियन जस्टिस पार्टी (इंजपा) के उम्मीदवार बहादुर सोनकर की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत के पीछे बसपा उम्मीदवार की कथित संलिप्तता की बात सामने आने के बाद प्रदेश के राजनीतिक तापमान में फिर से उछाल आ गया है। जौनपुर संसदीय सीट पर दूसरे चरण में मतदान होना है।
इससे पहले, पीलीभीत से भाजपा के उम्मीदवार वरुण गांधी की कथित अल्पसंख्यक विरोधी टिप्पणी को लेकर प्रदेश में जमकर राजनीति हुई। वरुण फिलहाल एटा जेल में बंद हैं। प्रदेश सरकार ने उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया है जिसे वरुण ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
उल्लेखनीय है कि सर्वाधिक 80 सांसदों को लोकसभा भेजने वाले इस राज्य में पांच चरणों में मतदान होना है। 23 अप्रैल को दूसरे चरण, 30 अप्रैल को तीसरे चरण, 5 मई को चौथे चरण और 13 मई को पांचवें चरण के लिए मतदान होना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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