बिहार: पहले चरण में कई दिग्गजों के चुनावी भविष्य का फैसला
पटना, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए आगामी 16 अप्रैल को रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री मीरा कुमार, केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री कांति सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी व कई दिग्गज नेताओं समेत 243 उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो जाएगी। इनमें 21 महिला प्रत्याशी भी हैं।
बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 13 सीटों पर पहले चरण में मतदान होगा। इन क्षेत्रों में मंगलवार शाम चुनाव प्रचार थम जायेगा। इन संसदीय क्षेत्रों में कुल 1,75,73,282 मतदाता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान के लिए 19,285 मतदान केन्द्र तथा 45 सहायक मतदान केन्द्र बनाए गए हैं।
औरंगाबाद, गया, सासाराम, बक्सर, सारण, महाराजगंज, गोपालगंज, सीवान, नवादा, जहानाबाद, जमुई, काराकाट और आरा संसदीय क्षेत्रों में 16 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है।
पहले चरण में जिन नेताओं की किस्मत दांव पर लगी है उनसे सबसे प्रमुख लालू यादव हैं। वह सारण से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी से कड़ा मुकाबला है। लालू बिहार में पाटिलीपुत्र लोकसभा क्षेत्र से भी चुनाव लड़ रहे हैं।
लालू और रूडी के अलावा मीरा कुमार के चुनावी भविष्य का भी फैसला होगा। कैमूर की पहाड़ियों के बीच बसे सासाराम से एक बार फिर चुनाव लड़ रही हैं। यहां उनका मुकाबला भाजपा के मुनिलाल और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के ललन पासवान से है।
परिसीमन के कारण राजद नेता कांति सिंह इस बार नवगठित काराकाट संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं। इससे पहले वह विक्रमगंज और आरा से लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। कांति सिंह का सीधा मुकाबला जनता दल (युनाइटेड) के महाबली सिंह से है। नक्सलियों ने इस संसदीय क्षेत्र में चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है।
इसके अलावा औरंगाबाद में राजद के शकील अहमद खान और कांग्रेस के निखिल कुमार चुनावी मैदान में हैं, महाराजगंज से जद (यु) के बाहुबली सांसद प्रभुनाथ सिंह एक बार फिर चुनावी रण में ताल ठोंक रहे हैं। सीवान में राजद के बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब तथा जद (यु) के वृषिण पटेल के बीच टक्कर है। जमुई में राजद के श्याम रजक, जद (यु) के भूदेव चौधरी और कांग्रेस के डा़ अशोक चौधरी के बीच मुकाबला है।
बक्सर संसदीय सीट से भाजपा के लालमुनी चौबे, राजद के जगतानंद सिंह, कांग्रेस के के. के. तिवारी और निर्दलीय ददन पहलवान के बीच मुकाबला है। इन नेताओं की किस्मत भी पहले चरण के दौरान मतपेटियों में बंद हो जाएगी।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस मुख्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पहले चरण के चुनाव के लिए केंद्रीय अद्र्घसैनिक बलों की 62 कंपनियों के अलावा पंजाब पुलिस के एक हजार विशेष कमांडों तैनात किये गये हैं। राजस्थान, पश्चिम बंगाल और बिहार पुलिस की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। गृहरक्षा वाहिनी (होम गार्ड) के भी लगभग पांच हजार जवानों को चुनाव में लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि पहले चरण में कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान होना है। इन इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये गये हैं। अपर पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया कि इन क्षेत्रों में बुलेट प्रूफ जिप्सी तथा बारूदी सुरंग निरोधक वाहनों की व्यवस्था की गई है। इन क्षेत्रों में घुड़सवार बल तथा एक हेलीकॉप्टर भी तैनात किया गया है।
बिहार में शांतिपूर्ण मतदान करवाना सुरक्षा बलों के लिए हमेशा ही चुनौतीपूर्ण रहा है। वर्ष 1999 के आम चुनावों में 74 और 2004 के लोकसभा चुनावों में 24 लोगों को चुनावी हिंसा में जान गंवानी पड़ी थी।
पहले चरण के लिए राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, जद (यु) अध्यक्ष शरद यादव, भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेताओं ने प्रचार किया।
वहीं राजद और लोजपा गठबंधन के लिए रेल मंत्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, महासचिव अमर सिंह तथा फिल्म अभिनेता संजय दत्त ने प्रचार किया। कांग्रेस के लिए अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा महासचिव राहुल गांधी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने धुआंधार चुनाव प्रचार किए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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