प्रचार अभियान में हेलीकॉप्टरों ने विमानों को पीछे छोड़ा
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान में विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा विमानों के स्थान पर हेलीकॉप्टरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
लगभग 45,000 से 100,000 रुपये प्रति घंटे तक का भारी किराया होने के बावजूद हेलीकॉप्टर देश में नेताओं की पहली पसंद इसलिए बने हुए हैं क्योंकि ये किसी भी इलाके में उड़ान भर सकते हैं।
उद्योग जगत के सूत्रों के मुताबिक इस लोकसभा चुनाव में तुलनात्मक रूप से सबसे अधिक संख्या में हेलीकॉप्टरों का प्रयोग किया जा रहा है।
दिल्ली के चार्टर्ड क्लब वन एयर के प्रबंध निदेशक मानव सिंह ने बताया, "इस बार चुनाव प्रचार में अधिक संख्या में हेलीकॉप्टरों का प्रयोग किया जा रहा है।"
नौ व्यापारिक विमानों वाला वन एयर अब अपने बेड़े में हेलीकॉप्टर शामिल करने पर विचार कर रहा है क्योंकि उनकी मांग अच्छी खासी है। उन्होंने कहा कि विमानों का बहुत कम इस्तेमाल किया जा रहा है क्योंकि उनके लिए हवाई पट्टी की जरूरत होती है जो हर जगह उपलब्ध नहीं हैं।
राजधानी के एसपीआईसी ट्रैवेल्स के एयर चार्टर इंडिया, बेंगलुरू के डेक्कन एविएशन और ज्यूपिटर एविएशन समेत अनेक कंपनियों ने राजनेताओं को हेलीकॉप्टर किराए पर दिए हैं।
सरकारी क्षेत्र की कंपनी पवन हंस हेलीकॉप्टर ने अपने 36 में से चार हेलीकॉप्टर राजनीतिक दलों को किराए पर दे रखे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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