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बैंकॉक में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

By Staff
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Thailand

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में पूर्व प्रधानमंत्री चिनावाट समर्थकों पर सेना ने कार्रवाई की है. अभी भी प्रदर्शनकारियों का कई अहम ठिकाने पर नियंत्रण है.प्रदर्शनकारियों और सेना के बीच हिंसक झड़प हुई है. क़रीब 49 लोगों के घायल होने का समाचार है. बैंकॉक के महत्वपूर्ण केंद्र विक्ट्री मोन्यूमेंट के क़रीब एक प्रमुख सड़क पर प्रदर्शनकारी डटे हुए थे.

सेना ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए उन पर आँसू गैस के गोले छोड़े और गोलियाँ भी चलाई. प्रदर्शनकारियों ने सैनिकों पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके. रातभर चले टकराव के बाद सुबह भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. बैंकॉक से बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथैड का कहना है कि शहर में तनाव तो है लेकिन कुछ उम्मीद भी बनी है.

उनका कहना है कि बैंकॉक के कुछ प्रमुख इलाक़ों के अलावा भी प्रदर्शनकारी कई जगह डटे हुए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इस मामले में सेना के निपटने के तरीक़े पर ही आगे का रास्ता बनेगा.

कार्रवाई

जब प्रदर्शनकारियों ने पटाया में आसियान की बैठक को रुकवा दिया तो थाईलैंड के प्रधानमंत्री अभिसित वेजाजीवा ने देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी. माना जा रहा है कि ज़्यादातर प्रदर्शनकारी पूर्व प्रधानमंत्री टकसिन चिनावाट के समर्थक हैं. चिनावाट ने सरकार के ख़िलाफ़ 'विद्रोह' का आह्वान किया है.

प्रत्यक्षदर्शियों ने समाचार एजेंसी एपी को बताया है कि कैसे सेना ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की.एपी के मुताबिक़ सैनिकों ने अपनी ऑटोमैटिक एम-16 राइफ़ल से सैकड़ों राउंड गोलियाँ चलाई. लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि सेना ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई या उन्हें डराने के लिए हवा में गोलियाँ चलाई जा रही थी.सेना के एक प्रवक्ता कर्नल सुनसर्न काएवकुमनर्ड ने बताया कि 300 प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए 400 सैनिक कार्रवाई कर रहे हैं.

आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने सैनिकों पर कार चढ़ाने की कोशिश की. जिसके बाद सैनिकों ने हवा में गोलियाँ चलाई लेकिन प्रदर्शनकारियों ने सैनिकों पर हमला किया. प्रदर्शनकारियों ने भी सेना पर हमला किया

सेना के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया कि पहले सेना ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कड़े क़दम नहीं उठाए थे, लेकिन बाद में उन्हें ऐसा करना पड़ा. उन्होंने बताया कि सेना ने लोगों की जान बचाने की कोशिश करेगी.

इससे पहले रविवार को प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्रालय पर हमला कर दिया और यह सोचकर एक कार पर हमला कर दिया कि उसमें प्रधानमंत्री यात्रा कर रहे हैं. लेकिन प्रधानमंत्री उस कार में नहीं थे. प्रदर्शनकारियों ने शहर के कई व्यस्त सड़कों को जाम कर दिया. आसियान सम्मेलन के रद्द होने से थाईलैंड सरकार काफ़ी दबाव में है और प्रधानमंत्री ने क़ानून व्यवस्था बहाल करने का वादा किया है.

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