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टेक महिंद्रा ने सत्यम को खरीदा

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Satyam computers
हैदराबाद। वाहन निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा की सूचना प्रौद्योगिकी शाखा टेक महिंद्रा ने सोमवार को सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की नीलामी में सबसे बड़ी बोली लगाकर इसे खरीद लिया है। अब टेक महिंद्रा के पास सत्यम का मालिकाना हक होगा।

टेक महिंद्रा ने सत्यम कंप्यूटर्स की 51 फ़ीसदी हिस्सेदारी को 31 फ़ीसदी नीलामी के जरिए और 20 फ़ीसदी खुले ऑफ़र के जरिए खरीदा। टेक महिंद्रा ने सत्यम के 31 फ़ीसदी शेयर 58 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से ख़रीदे जिसके लिए उसे कंपनी को कुल 1,757 करोड़ रुपये और बाकी की हिस्सेदारी मिलाकर लगभग 2889 करोड़ रुपए अदा करने पड़े।

सत्यम को खरीदने की दौड़ में इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) और निजी क्षेत्र की इक्विटी कंपनी डब्ल्यू एल रॉस भी शामिल थीं लेकिन वह इसमें पिछड़ गई। एलएंडटी ने सत्यम के लिए 49.50 रूपए प्रति शेयर की बोली लगाई थी। हालांकि एलएंडटी के पास पहले से ही सत्यम के 12.04 फीसदी शेयर हैं।

शेयरों में उछाल

बोर्ड अब अपने चयन के बारे में कंपनी लॉ बोर्ड को सूचित करेगा और एक सप्ताह के भीतर कंपनी लॉ बोर्ड इसे अपनी स्वीकृति प्रदान करेगा। सत्यम के छह सदस्यीय बोर्ड की अध्यक्षता नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसिज कंपनीज (नास्कॉम)के पूर्व प्रमुख किरण कार्णिक कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त बोर्ड में एचडीएफसी के प्रमुख दीपक पारेख, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्व सदस्य सी.अच्युतन और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के संरक्षक तरुण दास शामिल हैं।

इससे पहले सुबह शेयर बाजार खुलते हुए सत्यम के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। गौरतलब है कि 7 जनवरी 2009 को कंपनी के डायरेक्टर बी रामालिंगा राजू द्वारा 700 करोड़ रुपए के घोटाले की बात कबूलने के बाद इसके शेयरों के साथ ही समूचे शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट आई थी।

कुछ और भी जानें: सत्यमः कैसे हुआ इतना बड़ा घोटाला?

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