नवाज की पार्टी संघीय सरकार में शामिल नहीं होगी
पीएमएल-एन प्रवक्ता सिद्दीकुल फारुक ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि वे सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से सहयोग करेंगे लेकिन सरकार में शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय नवाज शरीफ ही लेंगे।
समाचार चैनल डॉन ने पंजाब के मुख्यमंत्री के विशेष सलाहकार अशफाक सरवर के हवाले से कहा कि पीएमएल-एन के नेताओं पर कार्यकर्ताओं का भारी दबाव है और वे संघीय सरकार से बाहर रहने की नीति पर चलते रहेंगे।
प्रधानमंत्री गिलानी ने रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री और नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ से मुलाकात के दौरान पीएमएल-एन को सरकार में शामिल होने का औपचारिक रूप से निमंत्रण दिया था।
गिलानी ने कहा था कि पिछले वर्ष जिन मुद्दों पर पीएमएल-एन सरकार से बाहर गई थी, उनको सुलझा लिया गया है या फिर वे सुलाझाए जाने की प्रक्रिया में हैं।
पीएमएल-एन परवेज मुशर्रफ द्वारा बर्खास्त किए गए सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश इफ्तिखार मुहम्मद चौधरी की बहाली और मुशर्रफ द्वारा पारित विवादास्पद 17 वें संविधान संशोधन को समाप्त करने की मांग को लेकर सरकार से हटी थी।
पिछले महीने लांग मार्च के भय से सरकार ने न्यायाधीश चौधरी को पद पर बहाल कर दिया। 17वें संविधान संशोधन को समाप्त करने पर विचार करने के लिए संसद की एक समिति गठित की गई है।
यदि 17 वां संविधान संशोधन समाप्त कर दिया गया तो राष्ट्रपति के पास केवल औपचारिक शक्तियां ही रह जाएंगी और प्रधानमंत्री देश का वास्तविक कार्यकारी प्रमुख बन जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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