शपथ पत्र देकर रिहा हो सकते हैं वरुण (लीड-1)
वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, सर्वोच्च न्यायालय के उस सुझाव पर तैयार हो गए, जिसमें अदालत ने कहा था कि यदि वरुण गांधी शपथ पत्र दें कि वे भड़काऊं भाषण नहीं देंगे तो उन्हें रिहा किया जा सकता है।
ज्ञात हो कि वरुण गांधी(29) पिछले महीने उत्तर प्रदेश में अपने भड़काऊ भाषण के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत इन दिनों जेल में हैं।
प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन और न्यायाधीश पी.सथशिवम की खंडपीठ ने कहा, "हम महसूस करते हैं कि इस मामले में इस तरह की सख्त कार्रवाई की जरूरत नहीं है।"
रोहतगी ने खंडपीठ से कहा कि वह शपथ पत्र देने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि उन्हें जवाब देने से पहले अपने मुवक्किल से मशविरा कर लेना चाहिए।
इसके साथ ही अदालत ने इस मामले की सुनवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।
मामले पर अदालत के रुख पर भाजपा की ओर से कहा गया कि उसे न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भरोसा है।
भाजपा प्रवक्ता बलवीर पुंज ने दिल्ली में कहा, "हमें न्यायपालिका की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है। उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार ने जो ज्यादती की है उसका फैसला न्यायपालिका करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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