उत्तर प्रदेश में जस्टिस पार्टी के उम्मीदवार का शव मिला, आरोप-प्रत्यारोप शुरू (लीड-1)
उनके रिश्तेदारों ने सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) उम्मीदवार पर हत्या का आरोप लगाया है, वहीं बसपा ने इसके लिए समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है।
बसपा के उम्मीदवार धनंजय सिंह की छवि राजनीति में आने से पहले एक माफिया डान की रही है। बहादुर का शव उनके अहियापुर-राशिदाबाद स्थित आवास से केवल 500 मीटर दूर राजा का तालाब के पास पाया गया।
शव को लेने पहुंची पुलिस को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उत्तेजित लोगों ने शव को पेड़ से उतारने की पुलिस की कोशिश का विरोध किया।
बहादुर की चप्पल और मोबाइल उनकी खाट के पास मिले और उनका बिस्तर काफी अस्तव्यस्त था जिससे संकेत मिलता है कि उनको बलपूर्वक ले जाया गया।
सोनकर के परिवार के सदस्यों का कहना है कि धनंजय सिंह ने बहादुर को हत्या की धमकी दी थी। एक अन्य रिश्तेदार ने पुलिस क्षेत्राधिकारी दीतेंद्र चौधरी पर बहादुर को उम्मीदवारी वापस लेने या फिर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
उम्मीदवार ने धमकी के बारे में चुनाव पर्यवेक्षकों को सूचना देने के साथ ही मीडिया को इसकी जानकारी दी थी।
आईजेपी प्रमुख उदित राज भी जौनपुर पहुंच गए हैं और पुलिस क्षेत्राधिकारी और एक इंस्पेक्टर की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।
उधर, लखनऊ में मुख्यमंत्री मायावती के नजदीकी माने जाने वाले खान मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनके पास इस तथ्य पर विश्वास करने के पर्याप्त आधार हैं कि बहादुर सरकार की हत्या समाजवादी पार्टी के निर्देश पर की गई।
सोनकर के परिवार के सदस्यों और उदित राज के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि सोनकर की हत्या से केवल सपा को लाभ होने वाला था। बसपा उम्मीदवार तो आराम से चुनाव में विजयी हो रहा था। उसको इस हत्या से क्या हासिल होता?
हत्या की धमकी के बारे में बहादुर सोनकर के टीवी चैनलों को दिए बयान से मंत्री ने अनभिज्ञता प्रकट की।
मायावती सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जौनपुर की जिलाधिकारी अपर्णा उपाध्याय ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आए बिना वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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