थाई प्रधानमंत्री ने बैंकाक में आपातकाल लगाया (राउंडअप)

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प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजिवा ने टीवी पर दिए अपने एक संबोधन में कहा कि अविवेकी और स्वार्थी लोगों के कारण देश खतरे में है। उन्होंने चेतावनी दी कि देश विरोधी हरकतों की सारी हदें पार हो चुकी हैं। अब सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "अगले तीन-चार दिन शांति स्थापना के लिए महत्वपूर्ण होंगे।"

आपातकाल की घोषणा के साथ ही सेना को सड़क के रणनीतिक चौराहों पर चहलकदमी करते देखा गया। राजधानी के बड़े स्टोर जल्द ही बंद हो गए।

तथाकथित रेड शर्ट्स के एक नेता जातुपोर्न प्रोमफान ने सरकार को अवैध बताते हुए रविवार को इसे उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था।

पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन सिनावात्रा ने स्वयं एक अज्ञात स्थान से टेलीफोन पर दिए अपने एक संबोधन में मध्य बैंकाक में शाम को भारी विरोध प्रदर्शन का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि असली लोकतंत्र हासिल करने के लिए जनता के पास यह सुनहरा मौका है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह दोबारा देश का नेतृत्व करने को तैयार हैं।

पीपुल एलायंस फॉर डेमोक्रेसी (पीएडी) के नेताओं ने उपप्रधानमंत्री सुथेप थाउगसुबान, रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुखों को बर्खास्त करने की रविवार को मांग की।

उधर शिनावात्रा समर्थक करीब 50 प्रदर्शनकारियों ने अभिसित को गृह मंत्रालय से अपना मार्ग बदलने पर विवश कर दिया।

भीड़ ने अभिसित की कार पर हमला किया। सेना के जवानों ने हवाई फायरिंग की। उसके बाद भीड़ वहां से हटी। अधिकारियों ने बाद में कहा कि प्रधानमंत्री अपनी कार में नहीं थे। वह दूसरे वाहन में सवार होकर मंत्रालय से निकल गए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने कुछ टैंकों और सैनिक टुकड़ियों को एक बड़े चौराहे से गुजरते देखा।

सेना के एक प्रवक्ता सानसेर्न केवकामर्ड ने जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बख्तरबंद वाहनों को देख कर परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि सामाजिक अस्थिरता बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आपातकाल इसलिए घोषित किया है ताकि जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

अधिकारियों ने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के एक अन्य आयोजक अरिसामुन पोंगरुएंगरोंग को गिरफ्तार कर लिया। पोंगरुएंगरोंग ने बैंकाक से 100 किलोमीटर दूर पट्टाया में आसियान सम्मेलन में बाधा डालने वाली भीड़ का नेतृत्व किया था।

इस गिरफ्तारी से उत्तेजित अरिसामुन के समर्थकों ने शहर की महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों पर हमला करने के साथ ही राजधानी में यातायात रोक दिया।

आसियान सम्मेलन में विरोध प्रदर्शन नहीं रोक पाने के कारण स्थानीय मीडिया ने रविवार को अभिसित और उनकी डेमोक्रेट पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की काफी आलोचना की।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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