घोषणा पत्र पर बचाव की मुद्रा में आए मुलायम-अमर (लीड-1)
आजमगढ़ में रविवार को एक चुनावी रैली में सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने साफ किया कि उनकी पार्टी कम्प्यूटर और अंग्रेजी स्कूलों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र का गलत मतलब निकालकर इसका भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
यादव ने सफाई देते हुए कहा कि सपा सिर्फ इतना चाहती है कि आम आदमी के श्रम को महत्व दिया जाए। जो काम आम आदमी के हाथ से हो जाए उसके लिए कम्प्यूटर और मशीनों निर्भर नहीं रहा जाए।
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी महंगी शिक्षा के खिलाफ है इसलिए चाहती है कि ऐसी शिक्षा पद्धति हो जिसमें गरीबों के बच्चे भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा का सपा मातृभाषा में पढ़ाई के लिए हमेशा जोर देती रही है।
सपा महासचिव अमर सिंह ने इधर दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा में कहा, "सपा कम्प्यूटर और अंग्रेजी के खिलाफ नहीं है लेकिन नौकरियों को दांव पर लगाकर उन्हें प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।"
उन्होंने कहा कि सपा ने कम्प्युटर और अंग्रेजी पर प्रतिबंध की बात नहीं की है। उन्होंने कहा, "पार्टी आम कामकाज में अंग्रेजी को अनिवार्य बनाए जाने के खिलाफ है। क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहन दिए जाने का मतलब अंग्रेजी को हतोत्साहित किया जाना कतई नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि मुलायम सिंह ने शनिवार को पार्टी के 16 पृष्ठों का घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा था कि शिक्षा के क्षेत्र में सपा महंगे अंग्रेजी स्कूलों को बंद कर देने के पक्ष में है और चाहती है कि भारतीय भाषाओं की पढ़ाई सुचारू रूप से हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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