63 आपराधिक अतीत वाले नेता भी चुनाव मैदान में
चुनाव का पर्यवेक्षण कर रहे स्वयंसेवी संगठनों के समूह 'नेशनल इलेक्शन वाच' (एनईडब्ल्यू) के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जहां 28 ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 13, समाजवादी पार्टी (सपा) व कांग्रेस ने पांच-पांच और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (माकपा) ने दो ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिया है। बाकी अन्य पार्टियों के उम्मीदवार हैं।
विभिन्न न्यायालयों ने पांच सजायाफ्ता राजनीतिज्ञों पर अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। इनके नाम है पप्पू यादव, मोहम्मद शहाबुद्दीन, सूरजभान सिंह, आनंद मोहन और संजय दत्त।
समूह ने 278 उम्मीदवारों द्वारा दिए गए हलफनामों का अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है।
समूह के अनिल बैरवाल ने आईएएनएस से कहा, "278 में 63 उम्मीदवारों का आपराधिक अतीत है। उनमें से 39 के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, अपहरण जैसे गंभीर आरोप हैं।"
उल्लेखनीय है कि एनईडब्ल्यू से देश भर के करीब करीब 1,200 स्वयंसेवी संगठन जुड़े हुए हैं।
एनईडब्ल्यू समिति के सदस्य पूर्व थल सेनाध्यक्ष शंकर रॉय चौधरी ने कहा कि इससे पता चलता है कि किस तरह राजनीतिक दल बड़े पैमाने पर आपराधिक अतीत वाले लोगों को टिकट दे रहे हैं। मतदाताओं को उम्मीदवारों के रिकार्ड का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए और ईमानदार व्यक्ति को मत देना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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