पाक संसद में शासन के अधिकार का एजेंडा

नेशनल एसेंबली ने शुक्रवार को ध्वनिमत से चार्टर ऑफ डेमोक्रेसी (सीओडी) को लागू करने के लिए एक समिति गठित करने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि देश और राजनीतिक ताकतों को विविध मुद्दों को सुलझाने के लिए अब एक हो जाना चाहिए।
गिलानी ने कहा, "हम यह सुनिश्चित कराएंगे कि संसद की श्रेष्ठता के जरिए 1973 के संविधान को मूल रूप में लागू किया जाए और तानाशाही के दौरान संविधान में किए गए संशोधनों को समाप्त किया जाए।" एक बार ऐसा हो जाने के बाद महत्वपूर्ण अधिकारों को राष्ट्रपति कार्यालय से प्रधानमंत्री कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। उसके बाद राष्ट्रपति का पद शोभा मात्र का रह जाएगा।
इन अधिकारों में सेना प्रमुखों और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति, केंद्रीय व प्रांतीय सरकारों को बर्खास्त करने और नेशनल एसेंबली व प्रांतीय विधानसभाओं को भंग करने के अधिकार शामिल होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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