'आईएसआई को आतंकवादियों की सहायता करने से रोकना मुश्किल'
वाशिंगटन स्थित एक संस्था की अंतर्राष्ट्रीय मामलों की फेलो संडा ब्रिगेट जोंस ने 'द रूट' शीर्षक वाले लेख में लिखा, "नई नीति पाकिस्तान सरकार को नया जीवन देने की है। आतंकवाद से निपटने और अलकायदा जैसे संगठनों के ठिकानों को नष्ट करने में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की मदद की यह महत्वाकांक्षी योजना है।"
जोंस ने कहा कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के लिए भारत सुरक्षा संबंधी प्रमुख चिंता बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत और पाकिस्तान के इतिहास से परिचित हैं उन्हें इस बात पर शायद ही यकीन हो कि कूटनीति या अंतर्राष्ट्रीय दबाव की मदद से भारत को कश्मीर मुद्दे पर किसी रियायत के लिए तैयार किया जा सकेगा।
लेकिन जोंस आश्चर्य प्रकट करती हैं कि क्या पाकिस्तान की सुरक्षा संबंधी रणनीति में ऐसा कोई परिवर्तन आया है, जिससे अमेरिका को यह यकीन हो सके कि उसकी नई नीति प्रभावी साबित होने जा रही है।
जोंस के मुताबिक पाकिस्तान एक कमजोर राष्ट्र है और उसके पास लगभग 60 परमाणु हथियार हैं जिनमें से महज एक ही विध्वंस करने के लिए पर्याप्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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