श्रीलंकाई फौज 'सुरक्षित क्षेत्रों' में दाखिल हुई: रेडियो
कोलंबो, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीलंकाई फौज देश के उत्तरी हिस्से में तमिल विद्रोही संगठन लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम(लिट्टे)के खिलाफ जारी अभियान के अंतिम चरण में 'सुरक्षित क्षेत्रों' में दाखिल हो गई।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने श्रीलंका ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन के हवाले से खबर दी है कि ब्रिगेडियर शावेंद्र सिल्वा की कमान में सेना की 58वीं डिवीजन शुक्रवार को पुत्तुमतालन सुरक्षित क्षेत्र में दाखिल हो गई।
हालांकि सरकार द्वारा एक लाख से ज्यादा अल्पसंख्यक तमिलों की सुरक्षा के लिए निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के दाखिल होने की सेना ने अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सरकार ने बुधवार को लिट्टे को आत्मसमर्पण करने और नागरिकों को वहां से सुरक्षित बाहर निकलने का अंतिम नोटिस दिया था और उसी के बाद से सेना की 58, 53, 59 और कार्यबल की आठ डिवीजनों ने उस इलाके की घेराबंदी कर रखी है।
श्रीलंकाई सेना के अनुसार विद्रोहियों के संचार तंत्र पर नजर रखी जा रही है और इस घोषणा के बाद से विद्रोहियों के तीखे मतभेद उजागर हुए हैं।
सरकार का दावा है कि करीब 66,000 नागरिक पहले से सरकार के कल्याण केंद्रों मे आ चुके हैं तथा यह संख्या बढ़ सकती है।
सेना का कहना है कि नागरिकों के बाहर आते ही वह पुत्तुमतालन के पूरे इलाके को विद्रोहियों के कब्जे से मुक्त करा देगी। इसके साथ ही विद्रोहियों का तीन दशक से ज्यादा अर्से से जारी अलगाववादी अभियान समाप्त हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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