सपा ने जारी किया घोषणा पत्र, काले धन का मुद्दा उठाया (राउंडअप)
लखनऊ में शनिवार को सपा का घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यदि पार्टी सत्ता में आती है, तो विदेश या देश के बैंकों में जमा काले धन को जब्त कर लेगी। उन्होंने कहा कि विदेशी बैंकों में भारतीयों का जितना काला धन जमा है, उससे देश की गरीबी दूर की जा सकती है और ऐसे धन को जब्त करने के लिए अदालत जाने की भी आवश्यकता नहीं है।
अपने 16 पृष्ठ के घोषणा पत्र में सपा ने आतंकवाद और आर्थिक मंदी को चुनौती बताया और कहा कि किसानों के हित के लिए केन्द्रीय जल नीति बनाए जाने की जरूरत है।
सपा उत्तर प्रदेश के और बंटवारे को गैर जरूरी मानती है एवं अलग बुंदेलखंड तथा हरित प्रदेश बनाए जाने की विरोधी है। घोषणा पत्र में कहा गया है कि क्षेत्रीय असमानता के कारण ही देश में आतंकवाद पनपा है और पंचायत पद्धति को मजबूत कर ही इससे निपटा जा सकता है।
घोषणा पत्र में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था में शेयर बाजार का हावी होना और मॉल संस्कृति ही मंदी का मुख्य कारण है। यदि सपा सत्ता में आई तो या तो इसे बंद कर देगी या इस पर अंकुश लगाएगी। सपा ने अपने घोषणा-पत्र में भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश को मिलाकर एक महासंघ बनाने की वकालत की है।
घोषणा-पत्र में कहा गया है कि तीनों देश में सीमा की दीवारों से ही पड़ोसी देशों में तनाव बढ़ा है तथा आतंकवाद पनप रहा है।
पार्टी ने तिब्बत की स्वतंत्रता की वकालत की है और चीन की ओर से हो रहे दमनात्मक और आक्रामक कार्रवाई को निंदनीय कहा है। पार्टी ने कहा है कि तिब्बत की आजादी के सवाल पर चीन तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा से बात करे।
शिक्षा के क्षेत्र में सपा महंगे अंग्रेजी स्कूलों को बंद कर देने के पक्ष में है और चाहती है कि भारतीय भाषाओं की पढ़ाई सुचारू रूप से हो।
सपा ने आयकर छूट की सीमा बढ़ाने, दलित और पिछड़े अल्पसंख्यकों के हितों के लिए सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने का भी वायदा किया है।
इस मौके पर मुलायम सिंह के साथ पार्टी महासचिव अमर सिंह, संजय दत्त व कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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