कश्मीरी पंडितों की बेहतरी के लिए काम करेंगे अनुपम खेर
खेर यहां कश्मीरी पंडितों के सामने खड़े ज्वलंत मुद्दे पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करने के लिए आयोजित एक सम्मेलन में बोल रहे थे। कश्मीरी पंडित वर्ष 1990 के दशक के शुरुआत में घाटी में उभरे आतंकवाद के बाद वहां से पलायन को मजबूर हो गए थे।
खेर ने कहा, "मेरे मित्रों व रिश्तेदारों ने इस पीड़ा को सहा है। इस समुदाय का हिस्सा होने के नाते मेरी जिम्मेदारी बनती है कि घाटी में उनकी ससम्मान वापसी के लिए काम करूं।"
खेर ने कहा, "जम्मू-कश्मीर की सरकारों ने इस मामले में कई वादे किए, लेकिन उन्होंने अपना एक भी वादा आज तक नहीं पूरा किया। इसका समाधान इस बात में है कि हमारे हाथ में सत्ता आ जाए। बदलाव और सशक्तिकरण सत्ता के जरिए आता है।"
खेर ने कहा, "मैं राजनीति में नहीं जा रहा हूं। लेकिन समुदाय के लिए काम करना एक अलग मामला है।"
ज्ञात हो कि कश्मीर घाटी से कोई 300,000 हिंदू पलायन कर गए हैं। वे जम्मू में या देश के अन्य हिस्सों में शरण लिए हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications