चुनाव में उम्मीदवारों के बीच होनी चाहिए खुली बहस : आडवाणी
भाजपा के बालाघाट क्षेत्र से उम्मीदवार क़े डी़ देशमुख के समर्थन में आयोजित जनसभा में शनिवार को आडवाणी ने कहा कि उनकी इच्छा रही है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव की तरह हमारे देश में भी चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के बीच खुली बहस होनी चाहिए।
इसके लिए उन्होंने देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सुझाव भी दिया था। साथ ही यह भी कहा था कि अगर वे ऐसा नहीं कर सकते तो बहस के लिए उन्हें भेज दें, जिन्हें प्रधानमंत्री पद का पूरा अधिकार है।
आडवाणी ने कहा कि चुनाव से यह तो तय होता ही है कि कौन जीतेगा और किसकी सरकार बनेगी। साथ ही लोकतंत्र भी मजबूत होता है। इतना ही नहीं आम जनता के बीच जाकर राजनैतिक दलों द्वारा अपनी योजनाओं का खुलासा भी किया जाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तो जनता के बीच जाकर राजनीतिक शिक्षण का काम ही छोड़ दिया है। उनका लक्ष्य तो जात-पात और पैसों के आधार पर वोट हासिल करना रह गया है।
आडवाणी ने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े लोगों का मकसद चुनाव जीतकर लाल बत्ती हासिल करना नहीं है बल्कि वे राजनीति में देश के विकास, आम आदमी के कल्याण के लिए आए हैं। इसका प्रमाण मध्य प्रदेश है जहां के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं बनाई है। लाडली लक्ष्मी योजना को तो उन्होंने लड़कियों के लिए वरदान बताया।
आडवाणी ने जनता को भरोसा दिलाया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में आता है तो 21वीं सदी हिन्दुस्तान की होगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव देश का इतिहास बदलने वाला साबित होगा।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की ही तरह देश में लाडली लक्ष्मी योजना लागू की जाएगी, ताकि लड़कियों को बोझ न समझा जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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