स्वात समझौता सोमवार को पाक संसद में पेश होगा (लीड-1)
प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने शनिवार को मुल्तान में संवाददाताओं से कहा कि उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) की स्वात घाटी सहित छह जिलों में शरिया कानून लागू करने के बदले तालिबान के हथियार डालने संबंधी 16 फरवरी को हुए समझौते को सोमवार को संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली में पेश किया जाएगा।
गिलानी ने कहा कि इसका उद्देश्य आम सहमति से एक राष्ट्रीय रणनीति कायम करना है।
एनडब्ल्यूएफपी सरकार और तालिबान से संबंधित तहरीक-ए-निफाज-ए-शरिया-ए-मुहम्मदी (टीएनएसएम) के मौलाना सूफी मुहम्मद के बीच हुआ समझौता गुरुवार को टूटने की कगार पर आ गया था जब मौलाना ने जरदारी पर समझौते को स्वीकार करने में विलंब का आरोप लगाते हुए स्वात में अपना शांति शिविर बंद कर दिया था।
राष्ट्रपति की सहमति इसलिए आवश्यक है क्योंकि प्रांतीय सरकार बगैर उनकी अनुमति के अपने कानूनों में बदलाव नहीं कर सकती। जरदारी ने कहा कि वह स्वात में शांति लौटने के बाद ही शांति समझौते को मंजूरी देंगे।
तालिबान ने इसके विरोध में कहा कि शरिया कानून लागू होने के बाद ही स्वात में शांति स्थापित होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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