'सर्वोच्च न्यायालय की और पीठ स्थापित हो'

चटर्जी ने गुरुवार को बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए कहा, "मैं स्वीकार करता हूं कि मैं विभिन्न महानगरों में सर्वोच्च न्यायालय की पीठ स्थापित किए जाने का तगड़ा हिमायती हूं।"
सर्वोच्च न्यायायल के प्रधान न्यायाधीश के.जी.बालाकृष्णन की उपस्थिति में चटर्जी ने कहा, "देश के कितने शोषित और भेदभाव के शिकार आम नागरिक और महिलाएं न्यायालय तक पहुंच पाते हैं। खास तौर पर सर्वोच्च न्यायालय तक।"
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को चाहिए कि वह ऐसे मार्ग ढूंढ़े जो आम लोगों की उस तक पहुंच आसान बना सके।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का ही एक तबका ऐसी मांगों का विरोध करता रहा है क्योंकि उनका मानना है कि इससे न्यायालय की एकता और विशिष्टता प्रभावित होगी हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं है।
चटर्जी ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि न्यायालय की स्थापना वकीलों अथवा न्यायाधीशों के लिए नहीं बल्कि आम लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए की गई है।
उल्लेखनीय है कि विधि एवं न्याय मंत्रालय का एक संसदीय पैनल लगभग दो दशक से जोर देता रहा है कि कम से कम मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में सर्वोच्च न्यायालय की पीठ स्थापित की जाए लेकिन सर्वोच्च न्यायालय इसे खारिज करता आया है।


Click it and Unblock the Notifications