'प्रधानमंत्री बनने लायक़ नहीं आडवाणी'

मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में लालकृष्ण आडवाणी की उम्मीदवारी पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे नहीं समझते कि आडवाणी इस लायक हैं.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है, जो देश का नेतृत्व कर सकती है. उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाई और कहा कि सरकार विकास दर को 6.7 प्रतिशत तक बनाए रखेगी.
लेकिन संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी को जम कर कोसा और कहा कि उनके गृह मंत्री रहते ही एक आतंकवादी को छोड़ा गया था, जो बाद में जैशे मोहम्मद जैसे संगठन का संस्थापक बना.
रिकॉर्ड
मनमोहन सिंह ने आडवाणी के उस बयान पर भी टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने मनमोहन सिंह को एक कमज़ोर प्रधानमंत्री कहा था.
कमज़ोर या मज़बूत- ये तय करने के लिए ज़ोर-ज़ोर से बातें करने से नहीं होता. मैं ग़लत भाषा में बात करने का अभ्यस्त नहीं हूँ. इस तरह की भाषा के इस्तेमाल से किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता. मैं भले ही अच्छा वक्ता नहीं हूँ. लेकिन मैं फ़ैसले लेता हूँ. आडवाणी जी का क्या रिकॉर्ड है मनमोहन सिंह
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उन्होंने कहा, "कमज़ोर या मज़बूत- ये तय करने के लिए ज़ोर-ज़ोर से बातें करने से नहीं होता. मैं ग़लत भाषा में बात करने का अभ्यस्त नहीं हूँ. इस तरह की भाषा के इस्तेमाल से किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता. मैं भले ही अच्छा वक्ता नहीं हूँ. लेकिन मैं फ़ैसले लेता हूँ. आडवाणी जी का क्या रिकॉर्ड है."
प्रधानमंत्री ने इसके बाद कंधार की घटना का ज़िक्र किया, जब इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण किया गया था और यात्रियों को छुड़ाने के लिए मौलाना मसूद अज़हर को रिहा किया गया था.
मनमोहन सिंह ने कहा कि उस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में लालकृष्ण आडवाणी गृह मंत्री थे.


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