नक्सलियों के गढ़ में प्रचार करने से डर रहें हैं नेता
रायपुर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बस्तर लोकसभा क्षेत्र में 4,000 वर्ग किलोमीटर में फैले अबूजमाड़ वन को नक्सलियों की सबसे महफूज जगह माना जाता है और नक्सलियों की ओर से किए चुनाव के बहिष्कार के आह्वान के मद्देनजर कोई भी उम्मीदवार प्रचार के लिए यहां आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
बस्तर से कांग्रेस के प्रत्याशी शंकर सोढ़ी ने कहा, "अबूजमाड़ में चुनाव प्रचार किसी भी सूरत में नहीं किया जा सकता। हर कोई वहां के हालात के बारे में जानता है। इस बारे में बात करना निर्थक है।"
पूर्व विधायक और बस्तर से भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) के उम्मीदवार मनीष कुंजम ने आईएएनएस से कहा, "मैं नहीं मानता कि बस्तर से खड़े सातों उम्मीदवार अबूजमाड़ में प्रचार करने के बारे में सोच भी सकते हैं।"
बस्तर क्षेत्र में 'काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वारफेयर कॉलेज' (सीटीजेडब्ल्यूसी) के निदेशक ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बी. के. पंवार का कहना है, "मैंने नहीं सुना है कि कोई नेता अबूजमाड़ में जनसभा कर रहा है।"
गौरतलब है कि अमूजमाड़ क्षेत्र में 26,000 लोग रहते हैं जिनका बाहर की दुनिया से संपर्क ना के बराबर है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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