फिजी में राष्ट्रपति द्वारा संविधान भंग किए जाने के बाद आपातकाल लागू (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार फिजी टाइम्स ने ऑनलाइन रिपोर्ट में लिखा है कि अपने हाथ में सर्वोच्च सत्ता हासिल करने के बाद इलोइलो ने अपने पहले फैसले के तहत शुक्रवार को सार्वजनिक आपातकाल की घोषणा की और समाचार पत्रों, रेडियो और टेलीविजन पर सेंसर लागू कर दिया।
वर्ष 2006 के दिसंबर महीने में एक खूनी संघर्ष के बाद से सत्ता पर काबिज रहे सैन्य तानाशाह कमोडोर वोरेक बैनिमरामा को गुरुवार को उस समय पद से हटना पड़ा, जब अपीली न्यायालय ने अपने एक फैसले में उनकी सरकार को अवैध करार दे दिया।
लेकिन न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया में पर्यवेक्षकों ने कहा है कि बैनिमरामा परदे के पीछे से सरकार के प्रभारी बने रहेंगे और और इलोइलो उनके इशारे पर नाचते रहेंगे।
कैनबरा में स्थित आस्ट्रेलियन नेशनल युनिवर्सिटी के प्राध्यापक बृजलाल ने कहा, "मैं उनके लिए कठपुतली जैसा शब्द इस्तेमाल करूंगा। वह बुजुर्ग हैं, 80 वर्ष के हो चुके हैं, काम करने लायक नहीं रह गए हैं और बीमार हैं।"
न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री मैक्कु ली ने इलोइलो के कदम को फिजी और वहां की 837,000 जनता के लिए एक खतरनाक कदम बताया।
मैक्कु ली ने कहा, "राष्ट्रपति का संविधान भंग करने तथा न्यायाधीशों को बर्खास्त करने और अवैध सरकार को सेना के बल पर बरकरार रखने का निर्णय निस्संदेह कमोडोर द्वारा प्रायोजित है। यह स्थिति पहले से आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे फिजी की मुश्किलों को और जटिल बना देगी।"
इलोइलो ने राष्ट्र के नाम अपने एक संबोधन में कहा कि वह देश में नई न्यायपालिका और नई अंतरिम सरकार का गठन करेंगे। उन्होंने कहा कि 'सच्चे लोकतांत्रिक और संसदीय चुनाव' कराने से पहले देश में नए बदलावों को लागू करने के लिए उन्हें पांच वर्ष चाहिए।
इलोइलो ने कहा कि देश में सितंबर 2014 के बाद चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह देश में नई कानून व्यवस्था स्थापित करेंगे।
दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इलोइलो से कहा है कि वह कानून, मानवाधिकार और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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