युद्ध अपराधियों के मामलों में न्यूरेमबर्ग मॉडल का अनुसरण करेगा बांग्लादेश
न्यूरेमबर्ग परीक्षण द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद किए गए थे और इनमें मुख्यत: नाजी जर्मनी के राजनीतिक, सैन्य व आर्थिक नेताओं की सुनवाई की गई थी। ये परीक्षण जर्मनी के न्यूरेमबर्ग शहर में किए गए थे।
अगले कुछ दिनों के दौरान बांग्लादेश अपने अंतर्राष्ट्रीय अपराध (पंचाट) अधिनियम 1973 में संशोधन करना चाहता है ताकि उसमें युद्ध अपराधियों के मामलों की उनकी अनुपस्थिति में सुनवाई का प्रावधान किया जा सके।
समाचार पत्र डेली स्टार में शुक्रवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 1971 के युद्ध अपराधी इस समय अलग-अलग देशों में छिपे हुए हैं और अधिनियम में उनकी अनुपस्थिति में सुनवाई का प्रावधान नहीं है।
सुनवाई के लिए एक तीन सदस्यीय पंचाट का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश करेंगे।
विधि मंत्री शफीक अहमद ने गुरुवार को मीडिया को बताया, "हमने अभी प्रक्रिया की शुरुआत ही की है। सुनवाई के मामले में पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता बरती जाएगी ताकि कोई निर्दोष इसका शिकार न बने।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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