शांति समझौता खटाई में पड़ने से स्वात घाटी में अनिश्चितता (लीड-1)
स्वात में संवाददाताओं से तहरीक-ए-निफाज-ए-शरिया-ए-मुहम्मदी (टीएनएसएम) के मौलाना सूफी मुहम्मद ने कहा कि वह समझौते को वापस नहीं ले रहा है और केवल घाटी में अपना शांति शिविर बंद कर रहा है।
आरंभिक रिपोर्ट में कहा गया था कि मौलाना सूफी मुहम्मद ने स्वात घाटी में शांति के लिए 16 फरवरी को उत्तर पश्चिम सीमा प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) सरकार के साथ किए गए समझौते को वापस ले लिया है। समझौते के तहत तालिबान ने क्षेत्र में शरिया कानून लागू किए जाने की शर्त रखी थी जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था।
सूफी मुहम्मद ने इसके बाद स्थानीय तालिबान नेता मौलाना फजलुल्ला से हथियार डालने के लिए वार्ता आरंभ की थी, जो उसका दामाद भी है।
सूफी ने कहा कि एनडब्ल्यूएफपी की सरकार शांति समझौते को लेकर गंभीर है लेकिन संघीय सरकार समझौते को मंजूरी देने से हिचकिचा रही है। उसने कहा कि घाटी में शरिया कानून लागू हुए बिना शांति नहीं आ सकती।
उल्लेखनीय है कि शांति समझौते के पहले एनडब्ल्यूएफपी सरकार को आगे बढ़ने के लिए कहने वाले पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि घाटी में शांति वापस लौटने के बाद ही समझौते को मंजूरी दी जाएगी।
स्वात में एक 17 वर्षीय किशोरी को 38 कोड़ों की सार्वजनिक सजा का वीडियो जारी होने के बाद से ही जरदारी पर शांति समझौते को मंजूरी न देने का अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ने लगा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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